अल्मोड़ा में कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रियल कर्मचारियों ने खोला मोर्चा

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अल्मोड़ा में कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रियल कर्मचारियों ने खोला मोर्चा
अल्मोड़ा में कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रियल कर्मचारियों ने खोला मोर्चा

काली पट्टी बांधकर जताया विरोध, 14 अक्टूबर तक जारी रहेगा विरोध प्रदर्शन

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा। लंबित मांगों के निराकरण में हो रही देरी से नाराज कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ ने अब आंदोलन का रास्ता अपना लिया है। कर्मचारियों ने मंगलवार को अपने हाथों में काली पट्टी बांधकर सरकार के प्रति विरोध जताया और लंबे समय से लंबित समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग उठाई। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगें केवल वेतनमान में संशोधन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कलक्ट्रेट संवर्ग के ढांचे के पुनर्गठन, पदों की शैक्षिक योग्यता में बदलाव, पदोन्नति के अवसरों में सुधार और विभिन्न पदों के ग्रेड-पे को संशोधित करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे भी इसमें शामिल हैं।


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संघ ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय तक मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को अगले चरण में ले जाया जाएगा। इसके तहत 14 अक्टूबर तक कर्मचारी कार्यालयों में काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे। इसके बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं होने पर 17 अक्टूबर को मुख्यालय में धरना दिया जाएगा और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजकर अपनी मांगों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया जाएगा।

ढांचे के पुनर्गठन से लेकर ग्रेड-पे संशोधन तक उठाईं मांगें

कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ लंबे समय से अपने संवर्ग से जुड़ी विभिन्न मांगों को शासन के समक्ष उठाता रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि कलक्ट्रेट व्यवस्था में कार्यरत मिनिस्ट्रियल कार्मिकों की जिम्मेदारियों, पदों की प्रकृति और सेवा संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ढांचे का पुनर्गठन किया जाना जरूरी है। इसके साथ ही विभिन्न पदों पर नियुक्ति की शैक्षिक योग्यता और वेतनमान में भी आवश्यक बदलाव किए जाने चाहिए।

संघ की प्रमुख मांगों में कलक्ट्रेट ढांचे का पुनर्गठन करना, कनिष्ठ सहायक पद के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता स्नातक निर्धारित करना तथा कनिष्ठ सहायक का ग्रेड-पे बढ़ाकर 2800 रुपये करना शामिल है। कर्मचारियों का मानना है कि इन बदलावों से संवर्ग की सेवा व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी और कार्मिकों को उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप सेवा संबंधी सुविधाएं मिल सकेंगी।

वरिष्ठ सहायक, प्रधान सहायक और प्रशासनिक अधिकारियों के वेतनमान में संशोधन की मांग

कर्मचारी संघ ने वरिष्ठ सहायक, प्रधान सहायक और प्रशासनिक अधिकारियों के ग्रेड-पे में भी उचित संशोधन किए जाने की मांग उठाई है। संघ के अनुसार, संवर्ग के विभिन्न पदों के वेतनमान में सुधार किया जाना आवश्यक है, ताकि कर्मचारियों की सेवा संबंधी अपेक्षाओं और पदों की जिम्मेदारियों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।

कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि ग्रेड-पे से संबंधित मांगों का समाधान उनके लिए महत्वपूर्ण है। लंबे समय से लंबित इन मामलों में ठोस निर्णय लिए जाने की आवश्यकता है, जिससे कर्मचारियों को राहत मिल सके और संवर्ग में सेवा संबंधी असंतोष को दूर किया जा सके।

मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को तहसीलदार का लिंक अधिकारी घोषित करने की मांग

संघ की एक अन्य प्रमुख मांग मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को तहसीलदार का लिंक अधिकारी घोषित किए जाने से संबंधित है। कर्मचारियों का कहना है कि इस संबंध में स्पष्ट व्यवस्था बनाए जाने से प्रशासनिक कार्यप्रणाली और पदों के बीच समन्वय को लेकर स्थिति बेहतर हो सकती है।

इसके अतिरिक्त संघ ने नायब तहसीलदार के पदों पर कलक्ट्रेट संवर्ग के लिए 10 प्रतिशत कोटा निर्धारित करने की मांग भी उठाई है। यह मांग संवर्ग के कर्मचारियों को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने और सेवा में पदोन्नति की संभावनाओं को बेहतर बनाने से जुड़ी है।

14 अक्टूबर तक काली पट्टी बांधकर करेंगे कार्य

संघ ने अपने आंदोलन के प्रथम चरण के तहत 14 अक्टूबर तक कार्यालयों में काली पट्टी बांधकर कार्य करने का निर्णय लिया है। इस दौरान कर्मचारी अपने नियमित कार्यालयी दायित्वों का निर्वहन करते हुए लंबित मांगों के प्रति विरोध दर्ज कराएंगे।

कर्मचारियों की रणनीति के अनुसार, यदि इस अवधि में शासन स्तर पर उनकी मांगों के समाधान को लेकर ठोस पहल नहीं होती है तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। संघ ने 17 अक्टूबर को मुख्यालय में धरना देने और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजने का कार्यक्रम निर्धारित किया है।

इस निर्णय से स्पष्ट है कि कर्मचारी संघ अब अपनी मांगों के समाधान के लिए चरणबद्ध तरीके से दबाव बनाने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में शासन की ओर से होने वाली कार्रवाई और कर्मचारियों के आंदोलन की दिशा पर नजर रहेगी।

कर्मचारियों ने एकजुट होकर उठाई आवाज

विरोध प्रदर्शन के दौरान संघ के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी लंबित समस्याओं के समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में संवर्गीय ढांचे का पुनर्गठन, कनिष्ठ सहायक की शैक्षिक योग्यता स्नातक करना, ग्रेड-पे 2800 रुपये निर्धारित करना, वरिष्ठ सहायक एवं प्रधान सहायक सहित प्रशासनिक अधिकारियों के ग्रेड-पे में उचित संशोधन, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को तहसीलदार का लिंक अधिकारी घोषित करना तथा नायब तहसीलदार के पदों पर 10 प्रतिशत कोटा निर्धारित करना शामिल रहा।

प्रदर्शन में संघ के अध्यक्ष जगजीवन बिष्ट, सचिव भगवत सतवाल, सुरेश नयाल, रविंद्र तिवाड़ी, शशि मोहन पाण्डेय, दीपा पांडेय, गीता टम्टा, हिमांशी अधिकारी, दीपशिखा मलकानी, मनोज मासीवाल, दीपक तिवारी, जगदीश नेगी, योगेश नेगी, अब्दुल रिजवान, मनोज पाण्डेय, प्रताप मेर, कमल कुमार, प्रमोद नयाल और हरीश बिष्ट सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

अब शासन के रुख पर टिकी निगाहें: कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ ने अपनी मांगों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। फिलहाल कर्मचारी 14 अक्टूबर तक काली पट्टी बांधकर काम करेंगे। इसके बाद 17 अक्टूबर को प्रस्तावित धरने और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजने के कार्यक्रम के माध्यम से अपनी मांगों को आगे बढ़ाया जाएगा। अब देखना होगा कि शासन स्तर पर इन मांगों के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

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