26 विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन, पर्यटन पंजीकरण होगा सरल
पहाड़ों में उद्योगों को बढ़ावा देने की तैयारी
सीएनई रिपोर्टर, हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को हल्द्वानी में आयोजित प्रांतीय व्यापारी सम्मेलन में व्यापारियों के हित में आठ घोषणाएं कीं। इनमें आपदा प्रभावित कारोबारियों को राहत, उद्योग मित्र समितियों का पुनर्गठन, पर्यटन व्यवसाय के पंजीकरण का सरलीकरण, चारधाम यात्रा मार्ग पर पार्किंग तथा प्रमुख बाजारों में सड़क और नालियों की मरम्मत को प्राथमिकता देने जैसे कदम शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने व्यापारियों को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए उनकी सुरक्षा, सम्मान और हितों की रक्षा का भरोसा दिलाया।

9 अक्टूबर को आयोजित सम्मेलन का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापारी रोजगार सृजन, स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने और प्रदेश की आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। कोरोना महामारी के दौरान भी व्यापारियों ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखकर अपनी जिम्मेदारी निभाई। उन्होंने कहा कि सरकार व्यापारियों को केवल करदाता नहीं, बल्कि विकास का भागीदार मानती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापारियों को अनावश्यक प्रक्रियाओं और सरकारी कार्यालयों के चक्कर से राहत दिलाने के लिए कारोबारी व्यवस्थाओं को सरल बनाया जा रहा है। राज्य में सिंगल विंडो सिस्टम के तहत 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। निवेशकों की समस्याओं के समाधान के लिए ‘निवेश मित्र’ व्यवस्था तथा उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड स्टार्टअप नीति और 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड का भी उन्होंने उल्लेख किया।
व्यापारियों के हित में मुख्यमंत्री की आठ घोषणाएं
सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने व्यापारिक गतिविधियों को सुचारु बनाने और कारोबारियों की समस्याओं के समाधान के लिए आठ महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनका विवरण इस प्रकार है—
1. आपदा प्रभावित व्यापारियों को राहत: प्राकृतिक आपदा अथवा अन्य आपदाओं से प्रभावित व्यापारियों को नियमानुसार उचित राहत उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
2. उद्योग मित्र समितियों का पुनर्गठन: व्यापारियों और सरकार के बीच संवाद को बेहतर बनाने तथा समस्याओं के समाधान के लिए राज्य एवं जिला स्तर पर उद्योग मित्र समितियों का पुनर्गठन किया जाएगा। इन समितियों की नियमित बैठकें आयोजित कराई जाएंगी।
3. जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों के दुर्घटना बीमा का प्रचार: जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों के दुर्घटना बीमा से संबंधित प्रावधानों और सुविधाओं की जानकारी व्यापक स्तर पर प्रसारित की जाएगी, ताकि पात्र व्यापारियों के आश्रित जरूरत पड़ने पर समय से बीमा दावे की प्रक्रिया पूरी कर सकें।
4. पर्यटन व्यवसाय का पंजीकरण आसान होगा: पर्यटन क्षेत्र में कारोबार करने वालों की सुविधा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया सरल बनाई जाएगी और सिंगल विंडो व्यवस्था लागू की जाएगी।
5. होम स्टे सुविधाओं का विस्तार: पर्यटन बहुल क्षेत्रों और जिला मुख्यालयों में होम स्टे सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे स्थानीय लोगों के लिए स्वरोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर विकसित करने में मदद मिलेगी।
6. चारधाम यात्रा मार्ग पर पार्किंग: चारधाम यात्रा मार्ग पर आवश्यक स्थानों पर पार्किंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे तीर्थयात्रियों के साथ-साथ मार्ग के आसपास कारोबार करने वाले व्यापारियों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
7. बाजारों की सड़कें और नालियां प्राथमिकता से सुधरेंगी: राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य मार्गों और अन्य प्रमुख सड़कों से जुड़े बाजारों में सड़क एवं नाली निर्माण और मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे बाजारों तक आवागमन और व्यापारिक गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने पर जोर रहेगा।
8. पंजीकृत श्रमिकों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ: व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों को कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ दिलाया जाएगा।
पहाड़ों में उद्योगों को बढ़ावा देने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास को मैदानी क्षेत्रों तक सीमित न रखकर पर्वतीय जिलों में भी रोजगार और उद्यमिता के अवसर विकसित किए जा रहे हैं। चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में छोटे उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए विशेष औद्योगिक पार्कों हेतु भूमि चिह्नित की गई है। सरकार का प्रयास है कि युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिले और पलायन कम हो। उन्होंने व्यापारियों से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी पहचान बनाने तथा आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण में भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
सम्मेलन में प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल की स्मारिका का विमोचन किया गया और विभिन्न इकाइयों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक बंशीधर भगत व सरिता आर्या, मेयर गजराज सिंह बिष्ट, व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष नवीन वर्मा, प्रदेश महामंत्री प्रकाश मिश्रा, विष्णु शर्मा, बिट्टू पालीवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, दर्जा राज्यमंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, शंकर कोरंगा, मोहन पाठक, भावना मेहरा, शोएब अहमद, डॉ. यूनुस चौधरी, शांति मेहरा, रेणु अधिकारी, भुवन पाठक, हुकुम सिंह कुंवर, देवेंद्र ढेला, तरुण बंसल, राजेंद्र बिष्ट और जेड वारसी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डेय और अपर जिलाधिकारी विवेक राय भी उपस्थित रहे।









