नैनीपुल के पास सड़क पर पड़ी दरारों से बढ़ा खतरा
एनएच के अधिशासी अभियंता ने जल्द निरीक्षण का दिया आश्वासन
सीएनई रिपोर्टर, सुयालबाड़ी। नैनीपुल के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क में पड़ी दरारों का असर अब आसपास के क्षेत्र में भी दिखाई देने लगा है। सड़क पर लगातार बढ़ती दरारों ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। स्थिति का व्यापक प्रभाव सड़क से लगे एक भवन पर भी पड़ रहा है, जो क्षतिग्रस्त होने की कगार पर पहुंच गया है। वहीं, ग्राम सिरसा की ओर जाने वाले पैदल मार्ग की स्थिति भी इन दिनों बेहद खराब हो गई है।

स्थानीय लोगों के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप सड़क पर दिखाई दे रही दरारें महज सड़क तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका असर आसपास के पैदल मार्ग और अन्य संरचनाओं पर भी पड़ रहा है। ग्राम सिरसा को जाने वाले पैदल मार्ग पर जगह-जगह गहरी दरारें दिखाई दे रही हैं। कई स्थानों पर मार्ग का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पैदल मार्ग की स्थिति खराब होने के कारण स्थानीय लोगों में किसी अप्रिय घटना की आशंका भी बनी हुई है। मार्ग पर दरारें बढ़ने और जमीन के क्षतिग्रस्त होने से पैदल आवाजाही करने वालों के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है। विशेषकर बुजुर्गों, बच्चों और रोजाना इस रास्ते से आने-जाने वाले ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे गंभीर चिंता सड़क के समीप स्थित भवन को लेकर सामने आ रही है। सड़क में आई दरारों और आसपास की स्थिति का प्रभाव भवन पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है। यदि समय रहते स्थिति का तकनीकी परीक्षण और आवश्यक उपचार नहीं किया गया तो भवन को और अधिक नुकसान पहुंचने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय संवाददाता ने उठाया मामला
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय संवाददाता अनूप सिंह जीना ने इस संबंध में अधिशासी अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग, हल्द्वानी महेंद्र कुमार से वार्ता कर मौके की स्थिति से अवगत कराया। संवाददाता ने सड़क में आई दरारों, भवन को हो रहे संभावित नुकसान तथा ग्राम सिरसा जाने वाले पैदल मार्ग की बदहाल स्थिति का मुद्दा उनके समक्ष रखा।
वार्ता के दौरान अधिशासी अभियंता महेंद्र कुमार ने आश्वस्त किया कि विभाग की ओर से जल्द ही मौके का निरीक्षण किया जाएगा और स्थिति का जायजा लेने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
समय रहते कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क और पैदल मार्ग की स्थिति को देखते हुए मामले को गंभीरता से लिया जाना आवश्यक है। लोगों ने मांग की है कि विभागीय अधिकारी मौके का निरीक्षण कर दरारों के कारणों का तकनीकी परीक्षण कराएं तथा जहां आवश्यक हो, वहां तत्काल मरम्मत एवं सुरक्षा के उपाय किए जाएं।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क से जुड़ा मामला होने के कारण किसी बड़े नुकसान की प्रतीक्षा करने के बजाय समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। अब लोगों की नजर राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की प्रस्तावित स्थलीय जांच और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।









