बारिश ने सुयालबाड़ी नथुवाखान मोटर मार्ग की खोली पोल

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बारिश ने सुयालबाड़ी नथुवाखान मोटर मार्ग की खोली पोल
बारिश ने सुयालबाड़ी नथुवाखान मोटर मार्ग की खोली पोल

सड़क का किनारा टूटा, CHC स्टाफ क्वार्टर का फर्श भी दरका

सीएनई रिपोर्टर, सुयालबाड़ी। बीते दिनों हुई बारिश ने सुयालबाड़ी क्षेत्र में सड़क और उससे जुड़े निर्माण कार्यों की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुयालबाड़ी-नथुवाखान मोटर मार्ग बारिश के चलते कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया है। सड़क के किनारे का हिस्सा टूटने और मिट्टी-पत्थर खिसकने से मार्ग के समीप स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सुयालबाड़ी के स्टाफ क्वार्टर भी प्रभावित हुए हैं।


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स्थानीय स्तर पर सामने आई तस्वीरों में सड़क के किनारे का बड़ा हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त दिखाई दे रहा है। सड़क के एक ओर मिट्टी और मलबे का ढेर जमा है, जबकि किनारे का हिस्सा कमजोर होकर नीचे की ओर खिसका हुआ नजर आ रहा है। इससे सड़क के साथ-साथ आसपास स्थित भवनों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

इसी के समीप स्थित सीएचसी के स्टाफ क्वार्टर के बरामदे और सामने के फर्श में जगह-जगह चौड़ी दरारें दिखाई दे रही हैं। फर्श कई स्थानों पर टूट चुका है और सतह पर गहरी दरारें स्पष्ट नजर आती हैं। कर्मचारियों का कहना है कि बारिश के बाद स्थिति और चिंताजनक हुई है तथा उन्हें भवन परिसर में आवाजाही के दौरान भी खतरा महसूस होता है।

डर के साये में रहने को मजबूर कर्मचारी

स्टाफ क्वार्टर में रहने वाले कर्मचारियों के बीच इस स्थिति को लेकर भय का माहौल है। कर्मचारियों को आशंका है कि यदि आने वाले दिनों में फिर से तेज बारिश या अतिवृष्टि हुई तो सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से के साथ-साथ जमीन का कटाव और बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में स्टाफ क्वार्टर के आसपास की जमीन और संरचना पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

कर्मचारियों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र में तैनात कर्मचारी और उनके परिवार इन क्वार्टरों में रहते हैं। ऐसे में आवासीय परिसर में इस प्रकार की दरारें और सड़क के किनारे का क्षतिग्रस्त होना सामान्य स्थिति नहीं माना जा सकता। उनका कहना है कि किसी अप्रिय घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय समय रहते सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए जाने चाहिए।

सड़क के किनारे भी बना हुआ है खतरा

मौके की तस्वीरों में मोटर मार्ग के किनारे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता दिखाई देती है। सड़क का बाहरी हिस्सा टूटने के कारण एक ओर गहरी ढलान और नीचे की ओर झाड़ियों वाला क्षेत्र दिखाई दे रहा है। सड़क के किनारे जमा मलबा और टूटा हुआ हिस्सा यह संकेत देता है कि बारिश के दौरान यहां कटाव हुआ है।

पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के दौरान सड़क के किनारे की मिट्टी कमजोर होने से कटाव बढ़ने का खतरा रहता है। यदि समय रहते क्षतिग्रस्त हिस्से को सुरक्षित नहीं किया गया तो इसका असर यातायात के साथ-साथ सड़क से लगे भवनों पर भी पड़ सकता है।

कर्मचारियों ने की तत्काल कार्रवाई की मांग

स्टाफ क्वार्टर में रहने वाले कर्मचारियों ने शासन-प्रशासन तथा संबंधित विभाग से मौके का स्थलीय निरीक्षण कराने और स्थिति का तकनीकी परीक्षण कराने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि सड़क और क्वार्टर परिसर की वर्तमान स्थिति को देखते हुए केवल अस्थायी मरम्मत के बजाय समस्या के मूल कारण का पता लगाकर स्थायी सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए।

उन्होंने मांग की है कि सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत, किनारे की सुरक्षा के लिए आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य, जल निकासी की उचित व्यवस्था तथा स्टाफ क्वार्टर की संरचनात्मक स्थिति की जांच कराई जाए, ताकि बरसात के दौरान किसी प्रकार की अनहोनी न हो।

फिलहाल कर्मचारी इस उम्मीद में हैं कि संबंधित विभाग मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द मौके का निरीक्षण करेगा और आवश्यक कदम उठाएगा। बरसात का मौसम अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, ऐसे में समय रहते सुरक्षा उपाय करना कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी माना जा रहा है।

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