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एमबीपीजी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव में हुड़दंग पर पुलिस का शिकंजा

उपद्रवियों पर गंभीर धाराओं में मुकदमे

नामांकन के दौरान रैलियों से बिगड़ी व्यवस्था, जाम और अराजकता के बाद कार्रवाई

वीडियो फुटेज से अन्य आरोपियों की पहचान जारी

सीएनई रिपोर्टर, हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी में छात्रसंघ चुनाव के नामांकन के दौरान कथित तौर पर नियम-कायदे ताक पर रखकर निकाली गई रैलियों, हुड़दंग और अराजकता के मामले में नैनीताल पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस के अनुसार, लोक सेवकों के विधिवत आदेशों का उल्लंघन करने, रास्ते में अवरोध उत्पन्न करने, बलवा करने तथा नामांकन रैलियों के दौरान बिना अनुमति बड़े वाहनों के इस्तेमाल सहित विभिन्न आरोपों में कई उपद्रवियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं।

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पुलिस का कहना है कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान कुछ प्रत्याशियों और उनके समर्थकों द्वारा भारी संख्या में रैलियां निकाली गईं। इन रैलियों के चलते कॉलेज परिसर और आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई तथा जाम और कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा हुई। पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए उपलब्ध वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई शुरू की है।

वीडियो फुटेज से हो रही उपद्रवियों की पहचान

पुलिस के मुताबिक, नामांकन के दौरान सामने आए घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। इनमें दिखाई देने वाले ऐसे लोगों को चिन्हित किया जा रहा है, जिनकी भूमिका कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाली गतिविधियों में सामने आ रही है।

महत्वपूर्ण बिंदु—

  • पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में अभियोग पंजीकृत किए हैं।
  • वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अन्य संभावित आरोपियों की पहचान की जा रही है।
  • पुलिस के अनुसार, पहचान की प्रक्रिया तेजी से जारी है।
  • नामांकन रैलियों में बिना अनुमति बड़े वाहनों के इस्तेमाल को भी कार्रवाई के दायरे में लिया गया है।
  • पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

किन आरोपों में हुई कार्रवाई?

पुलिस के प्रेस नोट के अनुसार, कार्रवाई में सदोष अवरोध उत्पन्न करने, बलवा फैलाने, लोक सेवक द्वारा दिए गए विधिसम्मत आदेशों का उल्लंघन करने तथा लापरवाही और उपेक्षापूर्वक वाहन चलाने से संबंधित BNS की धाराएं शामिल की गई हैं।

विशेष रूप से नामांकन रैलियों में बिना अनुमति बड़े वाहनों के प्रयोग को भी पुलिस ने गंभीरता से लिया है। पुलिस का कहना है कि चुनावी गतिविधियों के नाम पर यातायात और सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती।

आगे की चुनाव प्रक्रिया पर भी पुलिस की नजर

एमबीपीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव की आगामी प्रक्रिया को देखते हुए पुलिस ने संभावित रूप से कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाले लोगों की सूची तैयार करने की बात कही है। पुलिस के अनुसार, ऐसे लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

इसका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया के आगामी चरणों में किसी भी प्रकार की हिंसक गतिविधि, गंभीर अपराध या अराजकता की स्थिति पैदा होने से पहले उसे रोकना है।

सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने पर बढ़ती है आम लोगों की परेशानी

छात्रसंघ चुनाव कॉलेज परिसर तक सीमित लोकतांत्रिक प्रक्रिया है, लेकिन चुनावी रैलियां यदि सड़क और सार्वजनिक स्थानों तक पहुंचती हैं तो उसका सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ता है। जाम, यातायात बाधित होने और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति में विद्यार्थियों के अलावा राहगीरों, स्थानीय व्यापारियों, मरीजों, कर्मचारियों और अन्य नागरिकों को भी परेशानी उठानी पड़ सकती है।

ऐसे में चुनावी गतिविधियों में शामिल प्रत्याशियों और समर्थकों की जिम्मेदारी है कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी गतिविधियां संचालित करें और प्रशासन एवं पुलिस द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करें।

पुलिस का स्पष्ट संदेश—कानून से ऊपर कोई नहीं

नैनीताल पुलिस ने कहा है कि छात्रसंघ चुनाव के नाम पर कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस के अनुसार, उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना अपने आप में अपराध सिद्ध होना नहीं है। अंतिम दोष या निर्दोषता का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही होगा।

पुलिस की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य आगामी छात्रसंघ चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण बनाए रखना और कॉलेज परिसर व आसपास के सार्वजनिक क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था कायम रखना बताया गया है।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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