बियरशिबा विद्यालय के विद्यार्थियों ने स्वयं बनाई राखियां
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर बियरशिबा विद्यालय, अल्मोड़ा के विद्यार्थियों ने एसएसबी कैंपस पहुंचकर देश की सुरक्षा में तैनात जवानों की कलाई पर राखी बांधी। बच्चों ने जवानों के प्रति सम्मान, स्नेह और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए देश की रक्षा के लिए उनके समर्पण को नमन किया। विद्यार्थियों द्वारा स्वयं तैयार की गई आकर्षक राखियां कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहीं।
विद्यालय की अध्यापिकाओं लीला आर्या और निर्मला पांडे के साथ एसएसबी कैंपस पहुंचे विद्यार्थियों ने जवानों को राखी बांधकर रक्षाबंधन के पर्व को देशसेवा और राष्ट्रप्रेम की भावना से जोड़ा। बच्चों द्वारा अपने हाथों से तैयार की गई रंग-बिरंगी और मनमोहक राखियों ने जवानों के चेहरों पर भी खुशी ला दी।
एसएसबी अधिकारियों ने बच्चों से किया आत्मीय संवाद
कार्यक्रम का आयोजन एसएसबी कैंपस में सेकंड-इन-कमांडेंट तपन के दास के मार्गदर्शन में किया गया। इस दौरान एसएसबी अधिकारियों और विद्यार्थियों के बीच आत्मीय संवाद भी हुआ। अधिकारियों ने बच्चों से उनके लक्ष्य, भविष्य में वे क्या बनना चाहते हैं और अपने सपनों को पूरा करने के लिए उन्हें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, जैसे सवाल पूछे।
विद्यार्थियों ने भी पूरे उत्साह के साथ अधिकारियों के सवालों के जवाब दिए और अपने भविष्य के सपनों तथा लक्ष्यों को उनके साथ साझा किया। इस संवाद ने बच्चों के भीतर आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ ही उन्हें देशसेवा और अनुशासन के महत्व को समझने का अवसर दिया।
अनुशासन और जिम्मेदारी को बताया सफलता की कुंजी
एसएसबी अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बल में अपनाए जाने वाले अनुशासन, नियमों, कर्तव्यों और देशसेवा की भावना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक सैनिक के जीवन में अनुशासन, जिम्मेदारी, साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण का विशेष महत्व होता है।
अधिकारियों ने बच्चों को प्रेरित किया कि जीवन में किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प जरूरी है। देश की सेवा केवल वर्दी पहनकर ही नहीं, बल्कि अपने-अपने क्षेत्र में ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करके भी की जा सकती है।
जवानों और बच्चों के बीच दिखी आत्मीयता
रक्षाबंधन के इस अवसर पर एसएसबी जवानों और विद्यार्थियों के बीच स्नेह एवं आत्मीयता का सुंदर वातावरण देखने को मिला। बच्चों ने जवानों की कलाई पर राखी बांधकर यह संदेश दिया कि सीमाओं और देश की सुरक्षा में दिन-रात जुटे जवान समाज के लिए सम्मान और प्रेरणा के प्रतीक हैं।
विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए यह कार्यक्रम केवल रक्षाबंधन मनाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्हें देश की सुरक्षा में लगे जवानों के जीवन, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को करीब से समझने का अवसर भी मिला। बच्चों ने जवानों के साथ बिताए इस समय को प्रेरणादायक और अविस्मरणीय बताया।
विद्यालय प्रबंधन ने दी जवानों को शुभकामनाएं
इस अवसर पर विद्यालय की निर्देशिका दीपिका विल्सन, उप प्रधानाचार्य हरीश कांडपाल तथा विद्यालय प्रबंधन समिति की संस्थापक प्रबंधक निरुपमा भट्ट तलवार, सचिव तिलक राज तलवार, अध्यक्ष निरूपेंद्र तलवार और मुस्कान तलवार ने एसएसबी के सभी जवानों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
विद्यालय प्रबंधन ने देश की सुरक्षा और सेवा में समर्पित एसएसबी जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा को नमन किया। कार्यक्रम ने रक्षाबंधन के पारंपरिक पर्व को भाई-बहन के रिश्ते से आगे बढ़ाकर समाज और राष्ट्र की सुरक्षा में जुटे जवानों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता की भावना से जोड़ने का सार्थक संदेश दिया।












