मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
देहरादून | सीएनई रिपोर्टर : उत्तराखंड में मानसून ने अपनी रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून द्वारा जारी नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य में अगले पांच दिनों तक मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा। 20 जुलाई तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, जिसे देखते हुए विभाग ने 18 जुलाई तक के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।

पर्वतीय क्षेत्रों से लेकर मैदानी इलाकों तक बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। आइए जानते हैं जिलेवार मौसम का हाल:
आज और कल: सतर्क रहने की है जरूरत (15-16 जुलाई)
- बुधवार, 15 जुलाई: कुमाऊं मंडल के चंपावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी बारिश की चेतावनी है। वहीं, गढ़वाल के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में आकाशीय बिजली गिरने और तेज बौछारों की संभावना जताई गई है। नैनीताल में मौसम विभाग ने तीव्र से अति तीव्र बारिश का अंदेशा जताया है।
- गुरुवार, 16 जुलाई: बारिश का दायरा बढ़ते हुए देहरादून, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत और बागेश्वर तक पहुंच जाएगा, जहां भारी बारिश की प्रबल संभावना है। अन्य पहाड़ी जिलों में गरज-चमक के साथ तेज वर्षा हो सकती है, जबकि हरिद्वार में हल्की बारिश के आसार हैं।
सप्ताहांत पर भी बरसेगा पानी (17-18 जुलाई)
- शुक्रवार, 17 जुलाई: उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून, पिथौरागढ़, नैनीताल और बागेश्वर जिलों के निवासियों को भारी बारिश के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता है। मैदानी जिलों—हरिद्वार और उधम सिंह नगर—में हल्की से मध्यम बारिश के साथ वज्रपात (बिजली गिरने) की घटनाएं हो सकती हैं।
- शनिवार, 18 जुलाई: देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। शेष पहाड़ी क्षेत्रों में मध्यम से तेज बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। हरिद्वार और उधम सिंह नगर में गर्जना के साथ हल्की से मध्यम बारिश के संकेत हैं।
19 और 20 जुलाई: पूरे प्रदेश में मानसून की सक्रियता
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, सप्ताहांत के बाद भी राहत मिलने की उम्मीद कम है। 19 और 20 जुलाई को उत्तराखंड के सभी जिलों में व्यापक स्तर पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। बादलों की गड़गड़ाहट और निरंतर होती बारिश के कारण तापमान में गिरावट महसूस की जाएगी।
मौसम विभाग की सलाह: येलो अलर्ट के मद्देनजर प्रशासन और आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें, क्योंकि भारी बारिश के कारण भूस्खलन (landslide) और सड़कों के अवरुद्ध होने की स्थिति पैदा हो सकती है। नदियों और नालों के पास जाने से बचें और गरज-चमक के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।

