विगत 11 सालों से मंदिर में रह रहे थे बाबा कृष्णा गिरि
सीएनई रिपोर्टर, सुयालबाड़ी। धार्मिक आस्था और अगाध श्रद्धा के केंद्र गंगरकोट स्थित प्रसिद्ध गुप्तेश्वर महादेव मंदिर में आज शुक्रवार की सुबह एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मंदिर परिसर में पिछले 11 वर्षों से धूनी रमाए बैठे बाबा कृष्णा गिरि का शव आज सुबह मंदिर के ही बरामदे में फंदे से लटकता हुआ मिला। इस खौफनाक मंजर को देखते ही पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते मंदिर परिसर में ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा।
रोजाना की तरह आज सुबह भी जब मंदिर परिसर में काम करने वाला एक मजदूर अपने काम पर पहुंचा, तो उसकी नजर अचानक बरामदे की तरफ गई। वहां का नजारा देखकर उसके होश उड़ गए। बाबा कृष्णा गिरि का 54 वर्षीय शरीर आहते में एक रस्सी के सहारे फंदे पर झूल रहा था और ठीक नीचे एक ड्रम था। मजदूर के चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े-दौड़े मौके पर पहुंचे, जिसके बाद यह खबर आग की तरह पूरे सुयालबाड़ी और गंगरकोट में फैल गई।


घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। सूचना पाकर खैरना चौकी इंचार्ज सतीश उपाध्याय और क्वारब इंचार्ज अरुण राणा भारी पुलिस बल के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने सबसे पहले घटनास्थल को अपने नियंत्रण में लिया और शव को फंदे से उतारकर कब्जे में ले लिया।
फॉरेंसिक टीम बुलाई गई
मामला एक प्रतिष्ठित मंदिर और संत से जुड़ा होने के कारण पुलिस प्रशासन बेहद सतर्कता बरत रहा है। घटनास्थल से किसी भी तरह के वैज्ञानिक साक्ष्य न छूटें, इसके लिए फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम को भी मौके पर बुलाया जा रहा है। फॉरेंसिक टीम के आने के बाद ही घटनास्थल की बारीकी से जांच की जाएगी ताकि मौत के सही कारणों का वैज्ञानिक आधार मिल सके।

सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही पुलिस
इस पूरे मामले में सबसे अहम कड़ी मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे साबित हो सकते हैं। पुलिस प्रशासन ने मंदिर के सीसीटीवी कैमरों के कंट्रोल सिस्टम को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस टीम घटना से कुछ घंटे पहले की फुटेज को गहराई से खंगाल रही है ताकि यह साफ हो सके कि रात के वक्त मंदिर परिसर में बाबा के अलावा कोई और आया था या नहीं।
हैरान हैं ग्रामीण
कोसी नदी के सुरम्य किनारे स्थित इस गुप्तेश्वर महादेव मंदिर में बाबा कृष्णा गिरि पिछले 11 सालों से रह रहे थे। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बाबा बेहद सरल, शांत और आदरणीय स्वभाव के व्यक्ति थे। वे हर आने-जाने वाले श्रद्धालु से बहुत सम्मान के साथ मिला करते थे। उन्हें देखकर कभी भी ऐसा महसूस नहीं हुआ कि वे किसी भी प्रकार के मानसिक तनाव या अवसाद से गुजर रहे थे। ऐसे में उनके द्वारा ऐसा आत्मघाती कदम उठाए जाने की बात किसी के गले नहीं उतर रही है।
प्रथम दृष्टया सुसाइड का मामला, हर एंगल पर जांच जारी
मौके के हालातों और शव की स्थिति को देखते हुए पुलिस फिलहाल इसे प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला मानकर चल रही है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि वे किसी एक नतीजे पर जल्दबाजी में नहीं पहुंचना चाहते। पुलिस इस मामले की जांच में हर छोटे-बड़े एंगल को शामिल कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक इनपुट्स और सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से कड़ियों को जोड़ने के बाद ही इस दुखद घटना का असली सच सामने आ पाएगा।


