नयागांव तिराहे पर बिछाया गया जाल
भागने की नाकाम कोशिश और गिरफ्तारी
सीएनई रिपोर्टर, कालाढूंगी। जनपद नैनीताल में अपराधियों के छक्के छुड़ाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर मंजूनाथ टीसी के नेतृत्व में चल रहा “ऑपरेशन प्रहार” अब रंग लाने लगा है। सड़क पर टशन दिखाने के चक्कर में जालसाजी का सहारा लेना एक युवक को इतना भारी पड़ा कि अब उसे सलाखों के पीछे हवा खानी पड़ रही है। मामला एक चमचमाती काली महिंद्रा थार से जुड़ा है, जो सड़क पर दौड़ तो रही थी, लेकिन अपनी पहचान छिपाकर।



घटना सोमवार, 4 मई 2026 की है। प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार सैनी के नेतृत्व में पुलिस की एक मुस्तैद टीम नयागांव तिराहे पर वाहनों की सघन चेकिंग कर रही थी। तभी पुलिस की पैनी नजर एक काले रंग की महिंद्रा थार पर पड़ी, जो संदेहास्पद तरीके से वहां से गुजर रही थी। जैसे ही पुलिस कर्मियों ने हाथ देकर गाड़ी को रुकने का इशारा किया, चालक के माथे पर पसीना आ गया।
पुलिस को देखते ही थार चालक ने चालाकी दिखाई और गाड़ी छोड़कर भागने का प्रयास किया। लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस टीम की मुस्तैदी के आगे उसकी एक न चली। घेराबंदी कर उसे दबोच लिया गया। पूछताछ में पकड़े गए व्यक्ति ने अपनी पहचान जसपाल सिंह उर्फ सोनू, उम्र 36 वर्ष, निवासी ग्राम बैलपोखरा, कालाढूंगी के रूप में बताई।
ई-चालान मशीन ने खोल दी पोल
जब पुलिस ने थार के कागजात मांगे, तो आरोपी बगले झांकने लगा। शक गहराने पर जब पुलिस ने ई-चालान मशीन में गाड़ी पर लगी नंबर प्लेट (यूनाइटेड किंगडम 04 एएफ 6111) को दर्ज किया, तो सच सामने आ गया। रिकॉर्ड के अनुसार, वह नंबर किसी और वाहन का था। कड़ाई से हुई पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने अपने साथी प्रभजोत के साथ मिलकर गाड़ी की असली नंबर प्लेट (यूनाइटेड किंगडम 12 एफ 0005) को हटाकर फर्जी प्लेट लगा दी थी, ताकि वह असली मालिक की नजरों से बचा रहे और पुलिस को चकमा दे सके।
सलाखों के पीछे पहुंचा जालसाज
पुलिस ने इस धोखाधड़ी के मामले में त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत गिरफ्तार कर लिया है। थाना कालाढूंगी में प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या 42/2026 दर्ज कर वाहन को कब्जे में ले लिया गया है। पुलिस अब फरार साथी प्रभजोत की तलाश में दबिश दे रही है, जबकि पकड़े गए आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
इस पूरे प्रकरण में आरोपी को दबोचने और फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम में उप निरीक्षक राजवीर सिंह नेगी, अपर उप निरीक्षक जयपाल सिंह, कांस्टेबल अमनदीप सिंह और कांस्टेबल मनोज द्विवेदी शामिल रहे।


