बिना पर्चे के दवा बेचने पर लगाई रोक
बागेश्वर। जनपद में जनस्वास्थ्य की सुरक्षा और आयुर्वेदिक औषधियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला आयुर्वेद एवं यूनानी विभाग ने कमर कस ली है। इसी क्रम में जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डॉ. निष्ठा शर्मा कोहली ने बागेश्वर स्थित मेडिकल स्टोर का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने औषधि विक्रेताओं को नियमों का कड़ाई से पालन करने के सख्त निर्देश दिए।


निरीक्षण के दौरान डॉ. कोहली ने मेडिकल स्टोर में रखी आयुर्वेदिक औषधियों के रखरखाव की स्थिति देखी। उन्होंने स्टॉक पंजिका (Stock Register), बिल बुक और अन्य आवश्यक सरकारी अभिलेखों का बारीकी से मिलान किया। विशेष रूप से दवाओं की एक्सपायरी तिथि की जांच की गई ताकि किसी भी दशा में मरीजों को पुरानी या खराब दवाएं न मिलें। जांच के दौरान कुछ तकनीकी कमियां पाए जाने पर स्टोर संचालक को फटकार लगाते हुए तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए गए।
बिना प्रिस्क्रिप्शन दवा बेचना अब प्रतिबंधित
निरीक्षण के दौरान डॉ. निष्ठा शर्मा कोहली ने स्पष्ट किया कि आयुर्वेदिक दवाओं का वितरण मनमाने ढंग से नहीं किया जा सकता। उन्होंने निर्देश दिए कि:
- किसी भी औषधि की बिक्री केवल पंजीकृत चिकित्सक (Registered Practitioner) के पर्चे के आधार पर ही की जाएगी।
- बिना प्रिस्क्रिप्शन के दवा देना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
- नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
गुणवत्ता जांच हेतु लिए गए सैंपल
औषधियों की शुद्धता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। निरीक्षण के दौरान टीम ने संदेह के आधार पर दो औषधियों के सैंपल भी लिए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
इस औचक छापेमारी के दौरान जिला आयुर्वेद अधिकारी के साथ मुख्य फार्मेसी अधिकारी ओम प्रकाश रतूड़ी एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. एजल पटेल भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। टीम ने संयुक्त रूप से मानकों की जांच की।
भविष्य की कार्ययोजना
डॉ. कोहली ने कहा कि यह कार्रवाई केवल एक बार की प्रक्रिया नहीं है। जिला आयुर्वेद एवं यूनानी विभाग भविष्य में भी नियमित रूप से इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रखेगा। इसका मुख्य उद्देश्य आमजन को सुरक्षित, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेदिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।


