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बागेश्वर में ड्यूटी के दौरान अल्सर फटने से वनकर्मी की अचानक मौत

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क्या और क्यों होता है पेट में अल्सर फटना ?

सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर: उत्तराखंड के बागेश्वर जिले से एक दुखद खबर सामने आई है, जहां वन विभाग में कार्यरत नंदन सिंह की ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उन्हें अचानक खून की उल्टियां हुईं, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां से हायर सेंटर रेफर किए जाने के बाद रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। शुरुआती चिकित्सकीय अनुमान के अनुसार, मौत की वजह अल्सर का फटना (Ulcer Burst) बताई जा रही है।


जानकारी के मुताबिक, बागेश्वर के सलानी गांव निवासी नंदन सिंह पुत्र उमेद सिंह (उम्र 58 वर्ष) वन विभाग में वन उपज रक्षक के पद पर तैनात थे। वर्तमान में वह छाती मनकोट क्षेत्र में अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। ड्यूटी के दौरान ही अचानक उनकी हालत खराब हुई और उन्हें लगातार खून की उल्टियां होने लगीं। उनके साथ मौजूद कर्मचारियों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तुरंत जिला अस्पताल बागेश्वर पहुंचाया।

हायर सेंटर ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम

  • रेफरल: जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी हालत को बेहद चिंताजनक पाया और उन्हें तत्काल अल्मोड़ा के हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया।
  • अंतिम सांस: हायर सेंटर ले जाते समय धारी डोबा के पास नंदन सिंह की स्थिति और बिगड़ गई और उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
  • वापसी: मौत की पुष्टि होने के बाद उनके शव को वापस जिला अस्पताल बागेश्वर लाया गया।

5 बच्चों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए नंदन सिंह

अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और पंचायतनामा की कार्रवाई कर शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिया गया। नंदन सिंह की मौत की खबर मिलते ही उनके घर में कोहराम मच गया। वह अपने पीछे पांच बच्चों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। इस अचानक हुई क्षति से न केवल परिजनों में बल्कि वन विभाग के साथी कर्मचारियों में भी गहरा दुख व्याप्त है।

क्या और क्यों होता है पेट में अल्सर फटना

पेट में अल्सर फटना (Perforated Ulcer) एक मेडिकल इमरजेंसी है, जहाँ पेट या आंत की परत में बना घाव आर-पार फट जाता है। इससे पेट का एसिड, बैक्टीरिया और पचा हुआ भोजन एब्डोमिनल कैविटी (पेट की गुहा) में फैल जाता है, जो गंभीर संक्रमण (Peritonitis), सेप्सिस और ब्लीडिंग के कारण मृत्यु का कारण बन सकता है।

अल्सर फटने के प्रमुख कारण और खतरे:

गंभीर इन्फेक्शन (पेरिटोनिटिस): पेट का एसिड और खाना पेट के अन्य अंगों तक फैल जाता है, जिससे तेजी से इन्फेक्शन शरीर में फैलता है।

आंतरिक रक्तस्राव (Hemorrhage): अल्सर के कारण पेट की नसें फट जाती हैं, जिससे अत्यधिक ब्लीडिंग हो सकती है।

सेप्सिस (Sepsis): संक्रमण के रक्तप्रवाह में प्रवेश करने से अंगों का काम करना बंद हो सकता है।
मुख्य कारण: हेलिकोबैक्टर पाइलोरी बैक्टीरिया संक्रमण, दर्द निवारक दवाओं (NSAIDs) का अधिक सेवन, और अत्यधिक शराब का सेवन।

अल्सर फटने के लक्षण:

  • अचानक बहुत तेज़ पेट दर्द।
  • जी मिचलाना, उल्टी (कभी-कभी खून के साथ), या मल में काला खून आना।
  • तेज बुखार और चक्कर आना।

ध्यान दें: अल्सर फटने पर तत्काल अस्पताल में भर्ती होकर ऑपरेशन (Surgery) की आवश्यकता होती है, अन्यथा यह जानलेवा हो सकता है।

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