भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी रिखाड़ी-सूपी सड़क!
ताश के पत्तों की तरह ढह गई दीवार
CNE REPORTER, बागेश्वर। तहसील कपकोट में विकास कार्यों के नाम पर जनता के पैसों की जमकर बंदरबांट हो रही है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बन रही सड़कों में धांधली का आलम यह है कि हल्की सी बारिश भी निर्माण कार्य झेल नहीं पा रहे हैं। शुक्रवार को हुई मामूली वर्षा ने रिखाड़ी-सूपी-तरसाल मोटर मार्ग पर विभाग के दावों की धज्जियां उड़ा दीं।
रिखाड़ी के पास नवनिर्मित काजवे और क्रॉसवे की दीवार पहली ही बारिश में धराशायी हो गई। गनीमत रही कि हादसे के वक्त वहां से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था, वरना बड़ी अनहोनी हो सकती थी। स्थानीय ग्रामीणों और टैक्सी चालकों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया है, जिसके चलते यह मार्ग अब दुर्घटनाओं का सबब बन गया है।
जनता में भारी आक्रोश
क्षेत्रीय ग्रामीण किशन सिंह, महिपाल सिंह, सूरज जगरिया और दुर्गा सिंह दानू सहित कई लोगों ने विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों का कहना है:
- कई बार शिकायत करने के बावजूद ठेकेदार ने गुणवत्ता में सुधार नहीं किया।
- विभागीय अधिकारियों की शह पर ठेकेदार अपनी मनमानी कर रहा है।
- सार्वजनिक धन का दुरुपयोग कर लोगों की जान जोखिम में डाली जा रही है।
“यह सीधा-सीधा भ्रष्टाचार है। हल्की बारिश में दीवारें गिर रही हैं, तो मानसून में इस सड़क का क्या हाल होगा? हम मांग करते हैं कि इस घटिया निर्माण को तुरंत ध्वस्त कर नए सिरे से सही कार्य कराया जाए।” — स्थानीय निवासी
अधिकारियों की सफाई: “दोषियों पर होगी कार्रवाई”
मामले की गंभीरता को देखते हुए PMGSY के अधिशासी अभियंता अम्बरीष रावत ने सख्त रुख अपनाने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि:
- गुणवत्ता विहीन निर्माण को तुड़वाकर दोबारा बनाया जाएगा।
- सहायक और अवर अभियंता को तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
- निर्माण की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा और संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बड़ा सवाल: क्या केवल जांच के आदेश देने से समस्या का समाधान होगा या फिर भ्रष्टाचार के इस खेल में शामिल जिम्मेदार चेहरों पर ठोस कार्रवाई भी होगी?



