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बागेश्वर में मौसम का ‘रौद्र’ रूप: पहले झमाझम बारिश, फिर ओलावृष्टि

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⚠️ बागेश्वर में मौसम का ‘रौद्र’ रूप

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SOURCE: YOUTUBE SHORTS

सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर | जनपद में शुक्रवार को कुदरत के दो अलग-अलग रंग देखने को मिले। सुबह की गुनगुनी धूप दोपहर होते-होते मूसलाधार बारिश और भारी ओलावृष्टि में बदल गई। इस अचानक हुए मौसम परिवर्तन ने जहाँ जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया, वहीं कपकोट की सरयूं घाटी में ओलावृष्टि से भारी तबाही की खबर है।

शुक्रवार सुबह की शुरुआत साफ आसमान और खिली हुई धूप के साथ हुई थी, लेकिन दोपहर करीब डेढ़ बजे अचानक बादलों ने आसमान को घेर लिया और तेज बारिश शुरू हो गई। देखते ही देखते बाजारों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

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  • भीगते बच्चे: स्कूल से घर लौट रहे नौनिहालों को मूसलाधार बारिश का सामना करना पड़ा और वे भीगते हुए घर पहुँचे।
  • व्यापारियों को नुकसान: बाजार में सामान सजाए बैठे दुकानदारों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। अचानक आई बारिश से बाहर रखा कीमती सामान भीग गया, जिससे व्यापारियों को आर्थिक चोट पहुँची है।

सरयूं घाटी में ओलों का कहर

जनपद के कपकोट तहसील अंतर्गत सरयूं घाटी के गांवों में कुदरत का सबसे ज्यादा कहर देखने को मिला। सुमगढ़, सुंडिग, सलिंग, गांसी, रिखाड़ी, चौड़ा, सुपी और झुनि समेत कई गांवों में जबरदस्त बारिश हुई।

सफेद चादर में ढके खेत: सुंडिग, सलिंग और चौड़ा जैसे इलाकों में इतनी भीषण ओलावृष्टि हुई कि खेतों और रास्तों पर ओलों की सफेद चादर बिछ गई। स्थानीय निवासी कुंदन टाकुली और महिपाल सिंह ने बताया कि ओलावृष्टि ने फसल को काफी नुकसान पहुँचाया है।

खेती और सेहत पर असर

मौसम के इस मिजाज ने मिश्रित प्रभाव डाला है:

  1. कृषि: जहाँ कुछ इलाकों में बारिश को फसलों के लिए संजीवनी माना जा रहा है, वहीं ओलावृष्टि ने काश्तकारों की मेहनत पर पानी फेर दिया है।
  2. स्वास्थ्य: डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि तापमान में इस अचानक गिरावट और उतार-चढ़ाव से वायरल बुखार और मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
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