सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा | सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में हिंदू नव वर्ष (वर्ष प्रतिपदा) के पावन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) द्वारा भव्य कार्यक्रम और पथ संचलन का आयोजन किया गया। घोड़िया फील्ड (NCC ग्राउंड) में आयोजित इस कार्यक्रम में संघ की अनुशासित कार्यपद्धति और राष्ट्रभक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला।

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ संघ की गौरवशाली परंपरा के अनुसार आद्य सरसंघचालक प्रणाम के साथ हुआ। इसके पश्चात, पूर्ण गणवेश में सजे 159 स्वयंसेवकों ने नगर के मुख्य मार्गों पर भव्य पथ संचलन किया। कदम से कदम मिलाते और अनुशासित ढंग से आगे बढ़ते स्वयंसेवकों ने संगठन की एकता और संकल्प का परिचय दिया। नगरवासियों ने भी इस संचलन का उत्साहपूर्वक अवलोकन किया। संचलन के समापन के बाद सभी स्वयंसेवक पुनः कार्यक्रम स्थल पर एकत्रित हुए।

भारतीय संस्कृति वैज्ञानिक जीवन पद्धति: शील निधि
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, उत्तराखण्ड के प्रांत विद्यार्थी प्रमुख शील निधि ने अपने ‘बौद्धिक’ संबोधन में स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा और सामाजिक समरसता को राष्ट्र की नींव बताया।
“भारतीय संस्कृति केवल आस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह एक उन्नत वैज्ञानिक जीवन पद्धति पर आधारित है। समाज की एकता ही किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होती है।” — शील निधि जी, मुख्य वक्ता
उन्होंने जोर देकर कहा कि RSS का मूल उद्देश्य निस्वार्थ भाव से समाज को संगठित कर भारत को परम वैभव पर ले जाना है। इस लक्ष्य की प्राप्ति में ‘शाखा’ की भूमिका को उन्होंने अत्यंत महत्वपूर्ण बताया, जहाँ चरित्र निर्माण और राष्ट्र सेवा का पाठ पढ़ाया जाता है।
समाज और राष्ट्र के प्रति लिया संकल्प
कार्यक्रम की अध्यक्षता लक्ष्मण सिंह भोज द्वारा की गई। पूरे आयोजन के दौरान वातावरण राष्ट्रभाव से ओत-प्रोत रहा। अंत में, उपस्थित सभी स्वयंसेवकों ने समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों के निर्वहन का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम में संघ के विभिन्न अनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।


