CNE REPORTER, बागेश्वर। जनपद के कपकोट तहसील अंतर्गत रिखाड़ी-बाछम मोटर मार्ग से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जैकुनी गांव के पास बुधवार दोपहर पहाड़ से गिरे मलबे और पत्थरों के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया। इस मार्ग के बंद होने से खाती क्षेत्र का संपर्क जिला मुख्यालय से पूरी तरह कट गया, जिससे सैकड़ों ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

प्रमुख बिंदु: क्या है पूरा मामला?
- सड़क जाम का समय: बुधवार दोपहर से शाम तक (लगभग 4 घंटे)।
- प्रभावित क्षेत्र: जैकुनी गांव के पास, खरकिया से 3 किमी आगे खाती मार्ग।
- फंसे रहे वीआईपी और आम जन: पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण समेत लगभग एक दर्जन लोग और चार वाहन घंटों तक जाम में फंसे रहे।
- मौजूदा स्थिति: पीएमजीएसवाई (PMGSY) ने मशीनों की मदद से मार्ग को ‘काम चलाऊ’ तौर पर खोल दिया है।
बदहाल सड़क: जोखिम में जान
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि यह मार्ग लंबे समय से जर्जर स्थिति में था। आपदा से पहले ही सड़क आंशिक रूप से बाधित थी, लेकिन प्रशासन की अनदेखी के चलते बुधवार को स्थिति बेकाबू हो गई। अचानक हुए भूस्खलन ने कनेक्टिविटी को पूरी तरह ठप कर दिया, जिससे आपातकालीन सेवाओं और दैनिक रसद की आपूर्ति पर भी संकट मंडराने लगा है।
Amelia Earhart Mystery: 9 लाख डॉलर खर्च, पांच दिन का समुद्री सफर और अंत में निकला पेड़ों का ढेर!
उपग्रह तस्वीरों में दिखा था विमान जैसा रहस्यमयी सुराग। जांच में क्या निकला? जानिए दुनिया की सबसे चर्चित विमानन गुत्थियों में से एक की पूरी कहानी।
पूरी खबर पढ़ें“पीएमजीएसवाई केवल पत्थर निकाल रहा है। वहां मैनुअल तरीके से काम हो रहा है और मौके पर भारी बुल्डोजर मशीनों का अभाव है। प्रशासन को स्थिति से अवगत करा दिया गया है।” — ललित फर्स्वाण, पूर्व विधायक
विभागीय पक्ष और ग्रामीणों की मांग
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता (EE) अंबरीश कुमार ने बताया कि मजदूरों को मौके पर तैनात किया गया है और सड़क से मलबा हटाने का कार्य निरंतर जारी है। हालांकि, ग्रामीणों में विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर गहरा रोष है।
ग्रामीणों की मुख्य मांगें:
- इस संवेदनशील मार्ग पर स्थायी वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
- संवेदनशील पॉइंट्स पर भारी मशीनों (JCB/Bulldozer) की स्थायी तैनाती हो।
- सड़क का सुधारीकरण किया जाए ताकि भविष्य में घंटों जाम की नौबत न आए।










