CNE REPORTER, नैनीताल: नैनीताल वन प्रभाग की उत्तरी गौला रेंज के अंतर्गत अति-संवेदनशील क्षेत्र दीनी तल्ली के हाटमुंगेरो प्राथमिक विद्यालय में छात्रों और शिक्षकों के लिए एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए बच्चों को गुलदार और बाघ के व्यवहार एवं उनसे बचाव की विस्तृत जानकारी प्रदान करना था।

कार्यशाला के दौरान बच्चों के वन्यजीव संबंधी ज्ञान को परखने के लिए एक प्रश्नोत्तरी (क्विज) प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने सही उत्तर देने वाले छात्र-छात्राओं को नववर्ष के कैलेंडर भेंट कर प्रोत्साहित किया। बच्चों ने भी उत्साह के साथ वन्यजीवों के व्यवहार से जुड़े सवालों के जवाब दिए।

सुरक्षा के लिए दिए गए महत्वपूर्ण टिप्स
वन विभाग की टीम ने बच्चों और शिक्षकों को सुरक्षा की दृष्टि से निम्नलिखित सावधानियां बरतने की अपील की:
- अकेले न चलें: विद्यालय आते-जाते समय बच्चे हमेशा समूह में रहें और अकेले सुनसान रास्तों पर न जाएं।
- साफ-सफाई: घरों के आसपास उगी झाड़ियों को नियमित रूप से साफ करें ताकि हिंसक जानवर छिप न सकें।
- कचरा प्रबंधन: खाने-पीने की वस्तुओं को खुले में न फेंकें, क्योंकि इससे आवारा पशु आते हैं और उनका पीछा करते हुए गुलदार आबादी तक पहुँच जाते हैं।
- अभिभावकों को सलाह: बच्चे अपने माता-पिता को भी अकेले जंगल जाने से रोकें।
वनाग्नि को रोकने का आह्वान
आगामी फायर सीजन को देखते हुए बच्चों को वनाग्नि की विभीषिका के प्रति भी सचेत किया गया। विभाग ने अपील की कि वनों को आग से बचाने में सहयोग करें और यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर जंगल में आग लगाता है, तो इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें।
“इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य भविष्य की पीढ़ी को जागरूक करना है ताकि वे वन्यजीवों के साथ सामंजस्य बिठा सकें और किसी भी अनहोनी से बच सकें।” — विजय चन्द्र भट्ट, वन क्षेत्राधिकारी
इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से वन क्षेत्राधिकारी विजय चन्द्र भट्ट, अनुभाग अधिकारी पूरन चन्द्र मेलकानी, विद्यालय की शिक्षिकाएं और विभाग के मनोज कैड़ा सहित समस्त स्टाफ मौजूद रहा।

