एसएसपी नैनीताल के निर्देशन में पुलिस का जघन्य हत्या करने वालों पर कड़ा एक्शन
हल्द्वानी (नैनीताल): हल्द्वानी कोतवाली अंतर्गत मानपुर उत्तर क्षेत्र में हुई सनसनीखेज नितिन लोहानी हत्याकांड में नैनीताल पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए मुख्य आरोपी अमित बिष्ट को घटना के मात्र 4 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त दोनाली बंदूक बरामद करने के साथ ही इस अपराध में संलिप्त 19 वर्षीय पुत्र जय बिष्ट को भी अवैध पिस्टल और जिंदा कारतूसों के साथ दबोच लिया है। एसएसपी की त्वरित कार्रवाई के बाद आरोपी बाप—बेटा अब दोनों सालाखों के पीछे पहुंच गए हैं।
आपसी रंजिश के चलते अंजाम दी गई इस वारदात के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता और आयुध अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश कर दिया है।
घटना का विवरण और एफआईआर
4 जनवरी 2026 की रात्रि को मानपुर उत्तर (वार्ड संख्या 55) में हत्या की एक जघन्य वारदात घटित हुई। इस संबंध में वादी पीयूष लोहनी निवासी जजफार्म मुखानी की तहरीर पर पुलिस ने अमित बिष्ट के खिलाफ हल्द्वानी कोतवाली में फर्स्ट इनफार्मेशन रिपोर्ट संख्या 07/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 352 के अंतर्गत मामला पंजीकृत किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे।
वैज्ञानिक साक्ष्य और त्वरित गिरफ्तारी
पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी और अपर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में गठित टीमों ने नितिन लोहानी हत्याकांड को लेकर फॉरेंसिक विशेषज्ञों के साथ घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। सीसीटीवी फुटेज और सुरागरसी की मदद से पुलिस ने 5 जनवरी 2026 को मुख्य आरोपी अमित बिष्ट को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी दोनाली बंदूक भी बरामद कर ली गई है। पिता के साथ अपराध में संलिप्तता पाए जाने पर आरोपी के पुत्र जय बिष्ट का नाम भी विवेचना में शामिल किया गया और भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5) व आर्म्स एक्ट की धारा 27 की वृद्धि की गई।
पुत्र की गिरफ्तारी और अवैध शस्त्र बरामदगी
पुलिस टीम ने 5 जनवरी को ही बरेली रोड स्थित होंडा शोरूम तिराहे के पास से दूसरे आरोपी जय बिष्ट को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक पिस्टल और .25 बोर के चार जिंदा कारतूस बरामद हुए। पूछताछ में पता चला कि यह शस्त्र उसके पिता का था, जिसे बिना लाइसेंस पास रखना अपराध है। इस आधार पर जय बिष्ट के विरुद्ध पृथक से धारा 30 आयुध अधिनियम के तहत दर्ज की गई है। पूछताछ में आरोपी अमित बिष्ट ने स्वीकार किया कि पूर्व में हुए आपसी विवाद के कारण उसने इस घटना को अंजाम दिया।
पुलिस टीम में शामिल अधिकारी और कर्मचारी
इस सफल कार्यवाही को अंजाम देने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह मेहता, वरिष्ठ उप निरीक्षक रोहताश सिंह सागर, वरिष्ठ उप निरीक्षक भूपेन्द्र सिंह मेहता, उप निरीक्षक मनोज कुमार, उप निरीक्षक गौरव जोशी, उप निरीक्षक अनिल कुमार, अपर उप निरीक्षक दिगम्बर सनवाल, हेड कांस्टेबल भूपेन्द्र सिंह बिष्ट, कांस्टेबल धीरेन्द्र सिंह अधिकारी, कांस्टेबल राहुल राणा, कांस्टेबल दिनेश नगरकोटी, कांस्टेबल अनिल गिरी और कांस्टेबल तारा सिंह राणा शामिल रहे।
रंजिश किसी और की और बलि चढ़ गया मासूम नितिन
हल्द्वानी: नियति का क्रूर खेल देखिए कि जिस घर में कुछ दिन पहले नए साल के जश्न की खिलखिलाहट थी, वहां आज चीख-पुकार और सन्नाटा पसरा है। जज फार्म के सी-ब्लॉक में अकाउंटेंट नितिन लोहनी का शव पहुंचते ही कोहराम मच गया। सबसे हृदयविदारक स्थिति मां मीरा लोहनी की थी, जो कभी अपनी छाती पीटती तो कभी बेटे के शव से लिपटकर बेसुध हो जाती। पिता कैलाश लोहनी के आंसू भी थमने का नाम नहीं ले रहे थे। दिल्ली में नौकरी करने वाला नितिन 20 दिसंबर को बड़े भाई के साथ छुट्टियों में घर आया था, लेकिन किसे पता था कि यह उसकी आखिरी घर वापसी होगी।
दूसरों की दुश्मनी में बुझ गया घर का चिराग
शहर में इस बात की पुरजोर चर्चा है कि नितिन लोहनी उस रंजिश का शिकार हुआ जिससे उसका कोई लेना-देना नहीं था। दरअसल, विवाद दरम्वाल और पार्षद परिवार के बीच था। घटना वाली रात नितिन महज एक मध्यस्थ के रूप में पार्षद के बेटे से मिलने गया था। आरोपी अमित बिष्ट ने पहली गोली कमल भंडारी पर चलाई थी, लेकिन वह जान बचाकर भाग निकला। बदनसीब नितिन अपनी स्कूटी उठाने के चक्कर में वहां रुक गया और पार्षद की गोली का सीधा निशाना बन गया।
गमगीन माहौल में अंतिम विदाई
मूल रूप से ओखलकांडा के कैड़ा गांव निवासी शास्त्री कैलाश चंद्र लोहनी के छोटे बेटे नितिन ने हाल ही में बीकॉम के बाद अकाउंटेंट की पढ़ाई पूरी की थी। सोमवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
सांत्वना देने पहुंचे विधायक
पोस्टमार्टम हाउस में सुबह से ही भारी भीड़ जुटी रही। नितिन के पिता कैलाश लोहनी, भीमताल विधायक रामसिंह कैड़ा के पारिवारिक पुरोहित भी हैं, जिसके चलते विधायक स्वयं वहां पहुंचे। हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने भी शोकाकुल परिवार से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। हर आंख नम थी और हर जुबान पर बस एक ही सवाल था कि बेगुनाह नितिन की क्या गलती थी?

