नववर्ष पर अल्मोड़ा—हल्द्वानी हाईवे बना जाम का अखाड़ा, चरमराई व्यवस्थाएं

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ल्मोड़ा—हल्द्वानी हाईवे बना जाम का अखाड़ा
ल्मोड़ा—हल्द्वानी हाईवे बना जाम का अखाड़ा

कैंची धाम में उमड़ा जनसैलाब, अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे पर महाजाम

नैनीताल/भवाली: नए साल के आगाज के साथ ही उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों और धार्मिक केंद्रों पर पर्यटकों का ऐसा सैलाब उमड़ा कि सारी प्रशासनिक व्यवस्थाएं बौनी साबित हो गईं। प्रसिद्ध कैंची धाम (Kainchi Dham) में दर्शनों के लिए उमड़ी भारी भीड़ के कारण अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे पूरी तरह से ‘पार्किंग लॉट’ में तब्दील हो गया। आलम यह रहा कि जो सफर महज 2 से ढाई घंटे में पूरा हो जाता था, उसे तय करने में यात्रियों को 9 से 10 घंटे का समय लगा।


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नववर्ष की पूर्व संध्या 31 दिसंबर और 01 जनवरी को कैंचीधाम में श्रद्धालुओं की संख्या अचानक कई गुना बढ़ गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने क्वारब से रूट डायवर्ट कर स्थानीय यात्रियों के लिए कैंचीधाम मार्ग को 4 जनवरी तक प्रतिबंधित कर दिया। इसके चलते पहाड़ से हल्द्वानी की ओर आने वाले लोगों को वाया रामगढ़ भेजा गया, लेकिन यह वैकल्पिक व्यवस्था भी नाकाफी साबित हुई। भवाली बायपास से ही जाम शुरू हो गया, जो काठगोदाम तक लगातार कई किलोमीटर तक फैला रहा।

बाहरी राज्यों के वाहनों ने बढ़ाई मुश्किलें

जाम की इस विकट स्थिति के बीच दिल्ली और हरियाणा से आए पर्यटकों की मनमानी ने आग में घी डालने का काम किया। स्थानीय लोगों और यात्रियों का आरोप है कि जहां उत्तराखंड के वाहन चालक धैर्य के साथ कतार में खड़े थे, वहीं दिल्ली और हरियाणा नंबर के वाहन नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए वन-वे में भी कतार तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे। पर्यटकों की इस ‘हड़बड़ी’ के कारण ट्रैफिक पूरी तरह लॉक हो गया।

‘धार्मिक आस्था बनाम मौज-मस्ती’: स्थानीय लोगों में आक्रोश

उत्तराखंड सरकार की देव मंदिरों को पर्यटन का केंद्र बनाने की नीति पर अब सवाल उठने लगे हैं। जाम में फंसे आम यात्रियों का कहना है कि:

  • कैंची धाम, चितई और जागेश्वर जैसे पवित्र स्थानों पर आने वाले अधिकांश बाहरी पर्यटक धार्मिक आस्था के बजाय मौज-मस्ती के उद्देश्य से आ रहे हैं।
  • हुड़दंग और यातायात नियमों का उल्लंघन स्थानीय निवासियों और वास्तविक श्रद्धालुओं के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है।
  • सरकार को पर्यटन और तीर्थाटन के बीच एक स्पष्ट संतुलन बनाने की आवश्यकता है।

मुस्तैद दिखी पुलिस, लेकिन संसाधनों की कमी

भीषण जाम के बीच अल्मोड़ा और नैनीताल जनपद की पुलिस टीम यातायात सुचारू करने के लिए जी-जान से जुटी रही। क्वारब में चौकी इंचार्ज मनोज अधिकारी और पुलिस वालंटियर अंकित सुयाल सहित पूरी टीम कड़ाके की ठंड और भारी दबाव के बीच ट्रैफिक को नियंत्रित करने में लगी रही। हालांकि, वाहनों की अत्यधिक संख्या के आगे पुलिस के प्रयास भी कम पड़ते दिखाई दिए।

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