व्यापारियों ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
CNE REPORTER, अल्मोड़ा। देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल ने बुधवार को अल्मोड़ा के जिलाधिकारी से मुलाकात कर यह मांग की कि रोडवेज बसों का संचालन वर्तमान में प्रस्तावित कर्नाटकखोला बस अड्डे के बजाय माल रोड स्थित बस स्टेशन से ही किया जाए, ताकि यात्रियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े और स्थानीय व्यापार भी प्रभावित न हो। व्यापारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कहा कि बसों का संचालन पूर्व की तरह ही आधा घंटा पहले माल रोड स्टेशन से शुरू किया जाए।
दरअसल, परिवहन निगम की बसों को शहर से लगभग दस किलोमीटर दूर स्थित कर्नाटकखोला बस अड्डे से संचालित करने की कवायद की जा रही है। हालांकि, व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि इस कदम से शहर के निवासियों और यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। विशेष रूप से, दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और अन्य यात्रियों के लिए इतनी लंबी दूरी तय करना और भी मुश्किल होगा। इसके अतिरिक्त, कर्नाटकखोला बस अड्डे तक जाने के लिए कोई अन्य सुविधाजनक परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिसके परिणामस्वरूप यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं।
व्यापार मंडल ने यह भी उल्लेख किया कि इस बदलाव से न केवल यात्रियों की सुविधा प्रभावित होगी, बल्कि अल्मोड़ा का स्थानीय व्यापार भी बुरी तरह प्रभावित होगा। बस स्टेशन का शहर के केंद्र से दूर होना ग्राहकों की आवाजाही को कम करेगा, जिससे अंततः व्यापारियों का कारोबार घटेगा।
जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
इन सभी समस्याओं को देखते हुए, देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष मनोज सिंह पंवार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मिलकर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। संक्षेप में कहें तो, उन्होंने यात्रियों की सुविधा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए, रोडवेज बसों का संचालन पुनः माल रोड स्थित स्टेशन से, समय से आधा घंटा पहले शुरू करने की मांग की।
इस मौके पर तुषार गुप्ता, मनु गुप्ता, वंदना वर्मा, मनीष, हिमांशु बिष्ट, हरी किशन खत्री, प्रदीप जोशी, निकेश, केशव दत्त, महेंद्र सिंह, विनोद, आनंद सिंह, त्रिलोक सिंह, रघुवीर सिंह, प्रकाश सिंह, नीरज थापा, चंद्र शेखर सिंह, रीता दुर्गापाल, मनोहर सिंह नेगी, दिवान सिंह बोरा, किशन सिंह, मनोज सनवाल, अमित साह मोनू, अर्जुन सिंह आदि सहित कई व्यापारी मौजूद रहे।

