मतदाता सूची को अपडेट करने का सुनहरा मौका !
प्रिय नागरिकों, आप सभी अवगत हैं कि निकट भविष्य में हमारे राज्य में SIR प्रणाली लागू होने जा रही है। ऐसे में आवश्यक है कि आप अपने सभी आवश्यक दस्तावेज समय रहते पूर्ण व सुरक्षित रखें, ताकि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या के कारण आप वंचित न रह जाएँ। इसी विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी और मार्गदर्शन हेतु अल्मोड़ा से अनूप साह द्वारा लिखित यह लेख अवश्य पढ़ें —
जनहित में प्रकाशित।
SIR (Special Intensive Revision) 2025 के दौरान अपनी वोटर लिस्ट अपडेट करें। जानिए 12 ज़रूरी दस्तावेज़, 1987 व 2004 के नागरिकता नियम और अपने BLO को कैसे खोजें।
जैसा कि आप सभी को विदित है कि निकट भविष्य में हमारे राज्य में एस.आई.आर. – विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) लागू होना है। यह आपके लिए अपनी मतदाता सूची (Voter List) की त्रुटियों को सुधारने और यह सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है कि आपका नाम सही ढंग से पंजीकृत हो।
यह आलेख आम जनता की सहूलियत के लिए तैयार किया गया है, जिसमें बताया गया है कि आपको एसआईआर के दौरान किन दस्तावेज़ों की आवश्यकता होगी और आपको कौन सी सावधानियाँ बरतनी चाहिए।
एसआईआर (SIR) क्या है?
SIR का मतलब है विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision)। यह भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India – ECI) द्वारा मतदाता सूची को त्रुटिहीन और अद्यतन बनाने के लिए चलाया जाने वाला एक विशेष अभियान है। इस प्रक्रिया में, आपकी पुरानी जानकारी (खासकर 2003 की मतदाता सूची) की तुलना वर्तमान विवरण से की जाएगी।
एसआईआर फॉर्म भरने से पहले ये जानकारी जुटा लें
निर्वाचन आयोग ने 1 जनवरी 2003 की मतदाता सूची उपलब्ध कराई है। आपको इस सूची में अपनी जानकारी को नोट करके रखना होगा, जिससे फॉर्म भरना आसान हो जाए:
- विधानसभा क्षेत्र (Assembly Constituency): आपका विधानसभा क्षेत्र का नाम/संख्या।
- भाग संख्या (Part Number): आपके मतदान केंद्र (Polling Station) या बूथ की संख्या।
- क्रम संख्या (Serial Number): सूची में आपका नाम जिस क्रम संख्या पर है।
📌 ध्यान दें: एसआईआर फॉर्म में आपका नाम छपा हुआ आ सकता है, लेकिन आपको अन्य जानकारी सही-सही भरनी होगी।
दस्तावेज क्यों जरूरी हैं?
यदि आपकी 2003 की सूची में अंकित नाम, उम्र, या अन्य जानकारी वर्तमान विवरण से मेल नहीं खाती है, तो निर्वाचन आयोग आपको नोटिस जारी कर सकता है और आपसे सहायक दस्तावेज जमा करने के लिए कह सकता है।
किसी भी प्रकार की परेशानी से बचने के लिए, आपको निम्नलिखित 12 आवश्यक दस्तावेज़ों में से जो भी लागू हो, उसे अभी से तैयार करके रखना चाहिए।
एसआईआर के लिए आवश्यक 12 महत्वपूर्ण दस्तावेज़
निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, एसआईआर के दौरान आपको पहचान और नागरिकता के प्रमाण के रूप में इनमें से किसी एक या अधिक दस्तावेज़ों की आवश्यकता हो सकती है:
- आधार कार्ड (आयोग के 09 सितम्बर 2025 के निर्देशानुसार)।
- केंद्र/राज्य सरकार या पीएसयू के नियमित कर्मचारी या पेंशनभोगी को जारी किया गया पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश (PPO)।
- 1 जुलाई, 1987 से पहले सरकार/स्थानीय प्राधिकरण/बैंक/डाकघर/एलआईसी/पीएसयू द्वारा जारी कोई भी पहचान पत्र, प्रमाण पत्र या दस्तावेज।
- जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)।
- पासपोर्ट (Passport)।
- मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा जारी मैट्रिकुलेशन या शैक्षिक प्रमाण पत्र।
- स्थायी निवास प्रमाण पत्र (Permanent Residence Certificate – PRC)।
- वन अधिकार प्रमाण पत्र (Forest Right Certificate)।
- ओबीसी/एससी/एसटी या कोई भी जाति प्रमाण पत्र।
- राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (National Register of Citizens – NRC)।
- राज्य या स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर (Family Register)।
- सरकार द्वारा जारी कोई भी भूमि या मकान आवंटन प्रमाण पत्र।
नागरिकता/जन्म तिथि के आधार पर दस्तावेजों की आवश्यकता
एसआईआर के दौरान, आपकी जन्म तिथि के अनुसार नागरिकता साबित करने के लिए दस्तावेज़ों की आवश्यकता अलग-अलग हो सकती है:
1️⃣ 1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे व्यक्ति:
- आवश्यकता: मतदाता सूची में त्रुटि होने पर, उन्हें ऊपर दिए गए 12 दस्तावेज़ों में से कोई एक प्रमाण पत्र जमा करना आवश्यक होगा।
- महत्वपूर्ण: यह दस्तावेज़ स्वयं आवेदक का होना चाहिए, न कि माता या पिता का।
2️⃣ 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे व्यक्ति:
- आवश्यकता (दो प्रकार के दस्तावेज):
- जन्म तिथि प्रमाण पत्र और जन्म स्थान का प्रमाण।
- अथवा: ऊपर दिए गए 12 प्रमाण पत्रों में से कोई एक स्वयं का प्रमाण पत्र, तथा अपने माता या पिता में से किसी एक का प्रमाण पत्र यह दर्शाता हो कि वे भारत के नागरिक हैं।
3️⃣ 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे व्यक्ति:
- आवश्यकता (तीन प्रकार के दस्तावेज):
- स्वयं का प्रमाण पत्र (ऊपर दिए गए 12 में से कोई एक)।
- पिता का प्रमाण पत्र (जो उनकी नागरिकता सिद्ध करे)।
- माता का प्रमाण पत्र (जो उनकी नागरिकता सिद्ध करे)।
✅ सुनिश्चित करें: आपके स्वयं के प्रमाण पत्र में आपका नाम, माता का नाम, पिता का नाम, जन्म तिथि और पता सही-सही अंकित होना चाहिए।
विवाहित महिलाओं के लिए विशेष निर्देश
जिन महिलाओं का विवाह 1 जनवरी 2003 के बाद हुआ है, उन्हें अपने मायके (माता-पिता के घर) से निम्नलिखित जानकारी अवश्य निकालकर रखनी चाहिए:
- मायके के पते से संबंधित विधानसभा संख्या, बूथ संख्या।
- आपकी या आपके माता-पिता की वोटर लिस्ट में दर्ज क्रम संख्या।
यह जानकारी फॉर्म भरने और पते के परिवर्तन को प्रमाणित करने में बहुत सहायक होगी।
🚫 दंड और अन्य सावधानियां
- बंच बनाकर जमा करें: एक परिवार के सभी सदस्यों के फॉर्म को एक साथ (एक बंच बनाकर) बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) को दें। इससे त्रुटि की संभावना कम हो जाती है।
- दो स्थानों पर पंजीकरण से बचें: यदि आपका नाम मतदाता सूची में दो अलग-अलग स्थानों पर दर्ज है, तो केवल एक स्थान पर ही फॉर्म भरें। दोहरी प्रविष्टि करने पर निर्वाचन आयोग द्वारा सजा का प्रावधान किया गया है।
महत्वपूर्ण सलाह: किसी भी आधिकारिक घोषणा के लिए, आपको सीधे CEO उत्तराखंड की वेबसाइट (ceo.uk.gov.in) या स्थानीय समाचार पत्रों पर नज़र रखनी चाहिए, क्योंकि तिथियाँ प्रशासनिक कारणों से बदल सकती हैं। उत्तराखंड के मतदाता अपने बीएलओ (Booth Level Officer) का संपर्क विवरण आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।
📞 अपने क्षेत्र के बीएलओ (BLO) से कैसे संपर्क करें (उत्तराखंड)
उत्तराखंड के मतदाता अपने बीएलओ (Booth Level Officer) का संपर्क विवरण आसानी से प्राप्त कर सकते हैं:
1. ऑनलाइन माध्यम (सर्वोत्तम)
आप सीधे मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड की आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग करके अपने बीएलओ को खोज सकते हैं:
- वेबसाइट:
ceo.uk.gov.inपर जाएँ। - वेबसाइट पर “मतदाता सेवाएँ” (Electoral Services) या “मतदाता सूची” (Electoral Roll) सेक्शन देखें।
- आपको “अपने बीएलओ को जानें (Know Your BLO)” या “बीएलओ सूची (BLO List)” जैसा एक लिंक मिलेगा।
- यहाँ आपको अपना एपिक नंबर (EPIC No.) या अपने विधानसभा क्षेत्र और भाग संख्या दर्ज करनी होगी। इसके बाद बीएलओ का नाम और मोबाइल नंबर स्क्रीन पर दिखाई देगा।
संपर्क सूत्र
यदि आपको ऑनलाइन जानकारी नहीं मिल रही है, तो आप सीधे सीईओ कार्यालय, उत्तराखंड के संपर्क सूत्र का उपयोग कर सकते हैं:
| विवरण | संपर्क |
| टोल फ्री नंबर | 1950 (मतदाता हेल्पलाइन) |
| सीईओ कार्यालय फ़ोन | 0135-2713551, 2713552 |
विशेष : उक्त आलेख को तैयार करते वक्त हालांकि तमाम सावधानियां बरती गई हैं, लेकिन संपूर्ण जानकारी के लिए आप अपने क्षेत्र के बीएलओ से संपक करें अथवा मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड की आधिकारिक वेबसाइट https://ceo.uk.gov.in/ का उपयोग करें।

