NSQ पर शिकंजा: औषधि भंडार का औचक निरीक्षण, सैंपल जांच को भेजे

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औषधि निरीक्षक पूजा रानी
औषधि निरीक्षक पूजा रानी

निरीक्षक पूजा रानी ने NSQ दवाओं पर रोक का दिया निर्देश


सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर। जनस्वास्थ्य को प्रभावित करने वाली ‘नॉट फॉर स्टैंडर्ड क्वालिटी’ (NSQ) दवाओं पर नकेल कसने के उद्देश्य से, औषधि निरीक्षक पूजा रानी ने जिला चिकित्सालय के केंद्रीय औषधि भंडार का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने 6 औषधियों के नमूने लेकर उन्हें गुणवत्ता जांच के लिए राज्य विश्लेषण शाला भेजा और स्पष्ट किया कि NSQ दवाओं को रोकना ही विभाग का मुख्य कार्य है।


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औषधि निरीक्षक पूजा रानी ने शुक्रवार को जिला चिकित्सालय, बागेश्वर स्थित केंद्रीय औषधि भंडार का औचक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण जनस्वास्थ्य में दवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

निरीक्षण के दौरान, औषधि निरीक्षक ने भंडार में उपलब्ध औषधियों के क्रय बिलों और स्टॉक रजिस्टर्स की गहनता से जांच की। इसके अलावा, दवाओं के प्रभावी भंडारण के लिए उनके उचित तापमान पर संग्रहण को भी सुनिश्चित किया गया। इस प्रक्रिया के तहत, छह अलग-अलग औषधियों के नमूने लिए गए, जिन्हें तत्काल राज्य विश्लेषण शाला (प्रयोगशाला) में गुणवत्ता जांच के लिए भेजा गया है।

गुणवत्ता पर जोर और उद्देश्य

पूजा रानी ने इस अवसर पर दवाओं की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि भंडार से वितरित होने वाली दवाएं सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य में योगदान करती हैं, इसलिए इनका गुणवत्तापूर्ण होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विभाग का मुख्य उद्देश्य स्पष्ट करते हुए कहा कि ‘NSQ‘ (नॉट फॉर स्टैंडर्ड क्वालिटी) दवाओं को रोकना ही औषधि प्रशासन का प्रमुख लक्ष्य है।

गरीबों के स्वास्थ्य से जुड़ाव: पूजा रानी ने आगे बताया कि सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली ये दवाएं गरीब और जरूरतमंद लोगों को सुलभ स्वास्थ्य सेवा प्रदान करती हैं, जिससे उनका इलाज खर्च कम होता है। उन्होंने इस विषय को गंभीर बताते हुए कहा कि NSQ दवाएं न केवल मरीजों के शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं, बल्कि दवाओं पर उनके भरोसे को भी चोट पहुंचाती हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सरकारी और गैर-सरकारी सभी औषधि वितरण केंद्रों पर नियमित रूप से औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं ताकि गुणवत्ता नियंत्रण बनाए रखा जा सके।

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