कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने किया भवाली-रातीघाट बाईपास का निरीक्षण
सीएनई रिपोर्टर, भवाली। कैंची धाम में रोज लगने वाले जाम के झाम को अब ज्यादा समय तक नहीं झेलना पड़ेगा। वैकल्पिक भवाली-रातीघाट बाईपास लगभग 8 किलोमीटर तैयार हो चुका है। कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत ने अपने हालिया क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री के प्रमुख कार्यों में शामिल भवाली – रातीघाट बाईपास निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया।

आयुक्त ने निर्माण की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली और अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ कार्य में तेज़ी लाने के निर्देश दिए। यह बाईपास कैंचीधाम में लगने वाले भीषण जाम से निजात दिलाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।
कैंची धाम बाईपास की प्रगति: 18.2 किलोमीटर में से 8 किलोमीटर पूर्ण
अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग (PWD) ने निरीक्षण के दौरान बताया कि 18.2 किलोमीटर प्रस्तावित बाईपास में से 8 किलोमीटर मार्ग का निर्माण और डामरीकरण कार्य पूर्ण हो चुका है।
- पूर्ण कार्य: भवाली सेनेटोरियम से रातीघाट तक 8 किलोमीटर मार्ग का निर्माण और डामरीकरण।
- प्रगति पर कार्य: शेष 10.2 किलोमीटर में पहाड़ कटिंग पूरी हो चुकी है। वर्तमान में पुलिया (कलमठ) व सुरक्षा दीवारों का निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है।
इसके अतिरिक्त, इस बाईपास को राष्ट्रीय राजमार्ग अल्मोड़ा से जोड़ने वाले प्रस्तावित पुल की DPR (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार कर शासन को भेजी जा चुकी है। आयुक्त ने निर्माण कार्यों की गति बढ़ाने और निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने पर ज़ोर दिया।
“इस मार्ग के निर्माण से कैंचीधाम में लगने वाली जाम की स्थिति से भी निजात मिलेगी और पहाड़ी जिलों को जाने वाले वाहन आसानी से गुजर सकेंगे।” — दीपक रावत, कुमाऊँ आयुक्त
भवाली मोटर पुल का निरीक्षण
आयुक्त ने भवाली बाईपास को जोड़ने वाले मोटर पुल का भी स्थलीय निरीक्षण किया। PWD अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मोटर पुल का निर्माण कार्य अगले दो महीने के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।
धार्मिक स्थलों का विकास: शिव शक्ति धाम, खैरना और कैंची धाम
अपने भ्रमण के दौरान, आयुक्त ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए:
- शिव शक्ति धाम, खैरना:
- आयुक्त ने सोमवारी महाराज गुफा में दर्शन किए और धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से इस स्थल को अत्यंत पवित्र एवं महत्वपूर्ण बताया।
- उन्होंने मंदिर कमेटी को आश्वस्त किया कि अधिक से अधिक पर्यटकों और श्रद्धालुओं को आकर्षित करने के लिए सभी आवश्यक सुविधाएँ विकसित की जाएँगी।
- मंदिर कमेटी की सुरक्षात्मक कार्य की माँग पर, आयुक्त ने सिंचाई विभागों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।
- कैंची धाम:
निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी कैंची धाम मोनिका और अधिशासी अभियंता PWD रत्नेश कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

