पूर्व कांग्रेस सांसद प्रदीप टम्टा की प्रेस वार्ता
सीएनई रिपोर्टर, पिथौरागढ़
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा ने सोमवार को पिथौरागढ़ में प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने नन्ही परी रेप और मर्डर केस में मुख्य आरोपी अख्तर अली के सुप्रीम कोर्ट से बरी होने पर गंभीर सवाल उठाए और इसके लिए उत्तराखंड सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
प्रदीप टम्टा ने कहा कि जिस आरोपी को निचली अदालत और हाईकोर्ट ने सजा सुनाई, वह सुप्रीम कोर्ट से कैसे बरी हो गया? उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की ठोस और प्रभावी पैरवी नहीं की।
टम्टा ने कहा कि सरकार की ओर से नियुक्त वकील को नन्ही परी मामले की जानकारी तक नहीं थी, और पीड़ित परिजनों को भी केस की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की सूचना नहीं दी गई।
उन्होंने कहा कि पिछले पांच सालों में भी प्रदेश में कई बच्चियों के साथ दुष्कर्म और हत्या की वारदातें हुई हैं, और अब सवाल है कि क्या पीड़ितों को न्याय मिल पाएगा? उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट में केस को री-ओपन कराने के लिए शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए।
प्रदीप टम्टा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवार के साथ है और जब तक नन्ही परी को न्याय नहीं मिलता, कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।
📌 पूरा मामला
- 20 नवंबर 2014 को पिथौरागढ़ की 7 साल की बच्ची हल्द्वानी के रामलीला ग्राउंड स्थित एक शादी समारोह से लापता हुई थी।
- 6 दिन बाद उसका शव गौला नदी से मिला।
- पोस्टमॉर्टम में पुष्टि हुई कि बच्ची के साथ गैंगरेप कर उसकी हत्या की गई थी।
- पुलिस ने मुख्य आरोपी अख्तर अली को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया, और उसकी निशानदेही पर प्रेमपाल व जूनियर मसीह को भी पकड़ा गया।
- मार्च 2016 में हल्द्वानी की एडीजे स्पेशल कोर्ट ने अख्तर अली को फांसी की सजा सुनाई, प्रेमपाल को 5 साल की सजा दी।
- 2019 में हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट से मुख्य आरोपी बरी हो गया है।

