सीएनई रिपोर्टर, नैनीताल। उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना आज सुबह 8 बजे से जारी है, जिसमें नैनीताल जनपद से अब तक के शुरुआती रुझान और अंतिम परिणाम सामने आने लगे हैं। जिले भर में ग्रामीण सरकार की नई तस्वीर उभर रही है, जहां कई सीटों पर नए प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है, जबकि इस चुनाव में महिलाओं की सशक्त भागीदारी भी विशेष रूप से देखने को मिल रही है।
भीमताल में महिलाओं ने फिर मारी बाजी, कुछ प्रमुख परिणाम घोषित : नैनीताल के भीमताल ब्लॉक से आ रहे परिणामों के अनुसार, कई महत्वपूर्ण ग्राम पंचायतों में महिलाओं ने अपनी जीत का परचम लहराया है।
जंगलीयागांव: से राधा कुलयाल ने तीसरी बार प्रधान पद पर जीत दर्ज कर अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ साबित की है। उनकी यह लगातार तीसरी जीत क्षेत्र में उनके जन-समर्थन को दर्शाती है।
पांडे गांव भाकर: से नवीन चंद्र ने 194 मतों के अंतर से विजय प्राप्त की है।
मलवाताल: से लक्ष्मण सिंह गंगोला ने 35 मतों के करीबी अंतर से जीत हासिल की।
चुनौती: से जितेंद्र चुनौतियां प्रधान चुने गए हैं।
सौंनगांव: से मुकेश पलाडिया ने भी प्रधान पद पर कब्जा जमाया है।
खारोला पांडे ग्राम सभा: से ममता प्रधान चुनी गईं, जो महिला सशक्तिकरण की एक और मिसाल है।
शांतिपुरी खामियां में महिला प्रधानों का बोलबाला, जिले के शांतिपुरी क्षेत्र में भी महिलाओं ने प्रभावी प्रदर्शन किया है।
शांतिपुरी खामियां नंबर-1: से दीपा कांडपाल ग्राम प्रधान चुनी गई हैं।
खामियां नंबर-2: से कविता तिवारी ने भी ग्राम प्रधान का पद हासिल किया है। यह इस क्षेत्र में राजनीतिक रूप से सक्रिय महिलाओं की बढ़ती संख्या को दर्शाता है।
निर्विरोध निर्वाचन और रोमांचक मुकाबले
कुछ ग्राम पंचायतों में प्रत्याशियों का निर्विरोध निर्वाचन भी हुआ, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया का एक सुखद पहलू है। इनमें डलोज से त्रिलोचन भट्ट, धैना से उत्तम सिंह, कैड़ागॉव से पंकज सिंह, कुकना से शांन्ति देवी और सुनकोट से विमला शामिल हैं। इन क्षेत्रों में प्रत्याशियों को बिना किसी विरोध के चुना गया। दूसरी ओर, जिले के कई हिस्सों में मतगणना के दौरान कांटे की टक्कर देखने को मिली, जहां कुछ प्रत्याशी बेहद कम मतों के अंतर से विजयी घोषित हुए हैं।
युवाओं का उत्साह और विकास की अपेक्षाएं
चुनाव प्रचार और मतदान के दौरान युवा मतदाताओं में खासा उत्साह देखा गया। दूसरे चरण के मतदान में नैनीताल जिले के भीमताल में युवा मतदाताओं की रिकॉर्ड भागीदारी ने सभी को प्रभावित किया। मतदान करने आए युवाओं ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने मताधिकार का प्रयोग विकास के मुद्दे पर किया है, ताकि उनके क्षेत्रों में मूलभूत समस्याओं का समाधान हो सके और स्थानीय स्तर पर प्रगति हो।

