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हल्द्वानी : वाहन फिटनेस सेंटर पर कमिश्नर रावत का छापा; मिनटों में गायब हुए दलाल, RTO को नोटिस

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वाहन फिटनेस सेंटर में मारपीट के बाद मामले ने पकड़ा तूल

हल्द्वानी समाचार | बेलबाबा के पास परिवहन विभाग द्वारा अधिकृत वाहन फिटनेस सेंटर संचालित होता है। इस वाहन फिटनेस सेंटर में कर्मचारियों ने अपनी गाड़ियों की फिटनेस के लिए आए वाहन चालकों के साथ मारपीट की थी, और बताया जा रहा है कि वाहन चालकों को कमरे में भी बंद कर दिया गया था।

वहीं, आज जब मामले ने तूल पकड़ा तो कमिश्नर दीपक रावत ने गुरुवार दोपहर औचक निरीक्षण किया जिससे वहां के संचालक और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। कमिश्नर दीपक रावत के सामने कोई भी ठीक तरह से जवाब नहीं दे सका। इसके बाद फिटनेस सेंटर के संचालन में आरटीओ की भूमिका पर भी सवाल उठे। जब यह फिटनेस सेंटर आरटीओ के अधीन चलता है उसके बावजूद आरटीओ ने यहां कभी औचक निरीक्षण नहीं किया। इस वजह से कमिश्नर ने नाराजगी जताते हुए आरटीओ को नोटिस भी जारी किया है।

फिलहाल कमिश्नर दीपक रावत की छापेमारी के बाद से सभी दलाल गायब हो गए हैं। कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने बदहाल व्यवस्था को देखते हुए वहां मौजूद वाहन चालकों से पूछताछ की तो पता चला कि यहां लंबे समय से ओवररेटिंग और दलाली का बोलबाला है। वाहन चालकों ने कमिश्नर दीपक रावत को बताया यहां पर कुछ लोग दलाली का कामकाज करने के लिए घूमते हैं और पैसे लेकर वाहन की फिटनेस करते हैं। रसीद 3000 की और पैसे 12 से 13 हजार रुपए लेते हैं।

कुमाऊं कमिश्नर ने कहा कि भ्रष्टाचार बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जो लोग इसके पीछे दोषी है उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश हैं कि जहां जनता के काम होते हैं वहां लगातार मॉनिटरिंग होनी चाहिए। लेकिन आरटीओ द्वारा मॉनिटरिंग नहीं की गई इसके लिए उनको नोटिस दिया जा रहा है। इसके अलावा कुमाऊं कमिश्नर ने ओवर रेटिंग की शिकायत पर पूरे 1 महीने का डाटा चेक करने के निर्देश दिए हैं। आरटीओ को हर सप्ताह इन सेंटरों में निरीक्षण करने के निर्देश दिए है। इस दौरान आरटीओ संदीप सैनी, आरटीओ प्रवर्तन नंद किशोर मौजूद थे।

बुधवार को फिटनेस को लेकर मारपीट और बबाल हुआ

लिहाजा बीते बुधवार को एक ऐसी घटना हुई जिससे टैक्सी और ट्रक कारोबारी उबाल पर हैं, बिष्ट ट्रांसपोर्ट के मालिक विक्रम सिंह बिष्ट और शिवराज सिंह बिष्ट अपने ट्रक की फिटनेस कराने के लिए दो दिन से बेल बाबा के पास प्रणाम फिटनेस सेंटर पर जा रहे थे। आरोप है कि जब वह अपनी गाड़ी ठीक कराकर लाए तो सेंटर के संचालकों ने उसमें कमी बताकर फिटनेस सर्टिफिकेट देने से इंकार कर दिया। जब दोबारा फिर गाड़ी को ठीक कराकर इसी सेंटर पर FC लेने गए तो, सेण्टर में चेकिंग करने के बाद संचालकों ने उसकी स्पीड ज्यादा बताकर फिर उनकी गाड़ी को अनफिट बता दिया।

इस पर विक्रम और उनके भाई ने आपत्ति जताई तो आरोप है कि सेंटर के कर्मचारियों और सुरक्षा ड्यूटी में तैनात बाउंसरों ने उनके साथ मारपीट की। दोनों को सेंटर की वर्कशाप में ले जाकर बंधक बना लिया। गुरुवार को भी इस पर ट्रक यूनियन के सदस्यों ने सेंटर को बंद कराने की मांग को लेकर जमकर हंगामा, नारेबाजी और प्रदर्शन किया। उनके आक्रामक रुख को देखते हुए सेंटर के संचालकों ने मुख्य द्वार बंद कर लिए।

यूनियन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि परिवहन विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के चलते यह फिटनेस सेंटर भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है। आरोप लगाया कि सेंटर के संचालकों की ओर से अपने एजेंट छोड़े गए हैं और उनके माध्यम से 15 हजार रुपये लेकर किसी भी गाड़ी को फिटनेस प्रमाण-पत्र दे दिया जाता है। जो पैसा नहीं देता उसकी गाड़ी में जबर्दस्ती खामियां बताकर उसकी फिटनेस को प्रमाणित नहीं किया जाता है। उसके बाद से मामले ने तूल पकड़ा। ऐसे में आज कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने वाहन फिटनेस सेंटर में औचक निरीक्षण किया। बुधवार को क्या हुआ पूरा मामला पढ़ें Click

फिटनेस केंद्र संचालक बोला पूरे देश में एक नियम –

बुधवार हुए बवाल को फिटनेस केंद्र संचालक रोहित सिंह का कहना था कि मशीन के माध्यम से गाड़ी की जांच को लेकर पूरे देश में एक जैसे मानक है। इसमें बदलाव नहीं हो सकता। स्पीड गर्वनर में कमी मशीन ने निकाली है न की कर्मचारियों ने। लेकिन कुछ लोग नियमों के तहत काम नहीं करवाना चाहते। वाहन स्वामी चाहे तो प्रशासनिक अधिकारियों के सामने जांच करवा लें।

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