HomeUttarakhandBageshwarबागेश्वर: चेलि—ब्वारयूं कौतिक में पहुंचे सीएम धामी, 37 योजनाओं का लोकार्पण/ शिलान्यास

बागेश्वर: चेलि—ब्वारयूं कौतिक में पहुंचे सीएम धामी, 37 योजनाओं का लोकार्पण/ शिलान्यास

👉 बिना देर किए उठाए जाएंगे जनहित में कदम: मुख्यमंत्री
👉 ‘कन्यादान’ से पहले ‘विद्यादान’ की संस्कृति अपनाएं

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सीएनई रिपोर्टर, बागेश्वर: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को बागेश्वर जनपद के कपकोट में आयोजित चेलि ब्वारयूं कौतिक (मातृशक्ति उत्सव) में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने 9976.48 लाख रुपये के लागत की कुल 37 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 1469 स्वयं सहयता समूहों के 40 हजार लाभार्थियों को 26.45 करोड़ एवं विभागीय योजनाओं के 36 हजार लाभार्थियों को 70 करोड़ के चेक वितरित किए।

मुख्यमंत्री ने 32 विभागों एवं स्वयं सहायता समूह द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न घाटियों में निर्मित हस्तशिल्प और हस्तकला उत्पादों की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने स्वयं भी तांबे के बर्तन में कलाकृतियां एवं रिंगाल की टोकरी भी बनाई। उन्होंने सशक्त मातृशक्ति सशक्त उत्तराखंड के तहत मातृशक्ति का पूजन भी किया। शहीदों की 11 वीरांगनाओं को भी सम्मानित किया। साथ ही साहसिक पर्यटन, आपदा प्रबन्धन गतिविधियों का भी अवलोकन मुख्यमंत्री द्वारा किया गया।

बड़ी संख्या में मौजूद लोगों का अभिवादन स्वीकारते हुए सीएम धामी ने बाबा बागनाथ की पावन भूमि को नमन किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य के निर्माण में मातृ शक्ति के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। मातृ शक्ति अपने परिवार के साथ ही समाज और प्रदेश हितों का भी ख्याल रखती हैं। मातृ शक्ति के सहयोग से ही समाज और राष्ट्र का संपूर्ण विकास संभव है। परिश्रम और मातृ शक्ति एक दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में ‘कन्यादान’ करना सबसे बड़ा पुण्य है, परंतु हमें ‘कन्यादान’ से पहले ‘विद्यादान’ की संस्कृति अपनानी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘आत्मनिर्भर भारत’ के मंत्र का ही परिणाम है कि आज देशभर में स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और राज्य सरकार ने भी प्रदेश में महिलाओं को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘सुविधा के साथ सुरक्षा भी’ के सिद्धांत पर कार्य करते हुए महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव हुए हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य में महिला हितों में उठाए गए कदमों की विस्तार से जानकारी दी और कहा कि प्रदेश की जनता की आवश्यक हितों के कदम बिना देरी किए ही उठाएं जाएंगे।

सांसद अजय टम्टा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड निरंतर प्रगति के पद पर अग्रसर है। ग्लोबल इन्वेस्टर समिति के तहत दुनिया भर से उद्योग जगत के लोगों को उत्तराखंड में बुलाया गया। आज उत्तराखंड के प्रत्येक क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं स्वयं सहायता समूह से महिलाओं को रोजगार दिया जा रहा है। विधायक सुरेश गढ़िया ने कहा कि पहली बार कपकोट क्षेत्र में इतनी बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए हैं। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड राज्य एवं बागेश्वर जनपद निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का उल्लेख किया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देव, विधायक बागेश्वर पार्वती दास, दर्जा राज्य मंत्री शिव सिंह बिष्ट, पूर्व कैबिनेट मंत्री बलवंत सिंह भौर्याल, भाजपा जिला अध्यक्ष इंद्र सिंह फर्स्वाण, वीरेंद्र वल्दिया, जिलाधिकारी अनुराधा पाल, पुलिस अधीक्षक अक्षय कोंडे, अपर जिलाधिकारी एनएस नबियाल, मुख्य विकास अधिकारी आरसी तिवारी, उप जिलाधिकारी मोनिका, अनुराग आर्या, पुष्पा देवी, हेमा बिष्ट, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राम सिंह कोरंगा, बिक्रम शाही, सुरेश खेतवाल, कुंदन परिहार, संजय परिहार,पूरन गड़िया, घनश्याम जोशी, राजेन्द्र राठौर कुंदन परिहार, प्रकाश साह, जनार्दन लोहनी आदि मौजूद थे।
मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएं

1- नशा मुक्ति केंद्र की स्थापना जनपद बागेश्वर में की जाएगी।
2- बागनाथ मंदिर बागेश्वर के संग्रालय में 90 प्रतिमाओं की स्थापना का कार्य किया जाएगा।
3- बदियाकोट कर्मी तलाई में 100 एमपी गोदाम तथा आवासीय भवन का निर्माण कार्य किया जाएगा।
4- विधानसभा क्षेत्र कपकोट क्षेत्रान्तर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कपकोट को अपर जिला चिकित्सालय बनाया जाएगा।
5- शामा के मल्टी लेवल पार्किंग का निर्माण भी सामा में किया जाएगा।
6- जनपद बागेश्वर के भराड़ी मल्टी पार्किंग,अन्य सभी प्रस्ताव भी जल्द से जल्द पूरा कराने के लिए और आदर्श उत्तराखंड बनाने के लिए हमारा जनपद आदर्श बने।
7- सरयू के मूल स्थान को पर्यटन स्थल बनाया जाएगा।
महोत्सव में पत्रकारों की उपेक्षा

बागेश्वर: जिला प्रशासन ने कपकोट में चेली ब्वारयूं कौतिक का भव्य आयोजन तो किया, मगर मीडिया कर्मियों की उपेक्षा की। उन्हें इस भव्य आयोजन में बुलाया तो गया, लेकिन बैठने की व्यवस्था तक नहीं की। यह स्थिति प्रदेश के मुखिया समेत अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में बनी। यहां तक बैठने को लेकर सुरक्षा ​कर्मियों ने भी उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया, तो खफा होकर मीडिया कर्मी मंच के आगे जमीन पर ही बैठ गए। मीडिया कर्मियों का कहना था कि एक तरफ करोड़ों खर्च कर कार्यक्रम आयोजित किया हे, तो दूसरी तरफ मीडिया ​कर्मियों को जमीन पर बैठकर कवरेज करने को मजबूर होना पड़ रहा है, जो व्यवस्था पर सवालिया निशान है।

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