







हल्द्वानी। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डा. इंदिरा हृदयेश ने कहा है कि संवैधानिक पदों पर बैठे हुए लोगों को पार्टी लाइन से हटकर संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजस्थान की सरकार ने दो बार मंत्रिमंडल के माध्यम से सदन आहूत करने का अनुरोध किया है परंतु राज्यपाल सदन आहूत करने से बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि सदन ही वह मंच है जहां सदैव से सरकारें विश्वासमत सिद्ध करती आ रही हैं। अत: राजस्थान की राज्यपाल को मंत्रिमंडल के निर्णय के आधार पर सदन आहूत कर सरकार को अपना बहुमत सिद्ध करने का अवसर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे महानुभावों पर उंगलुी उठे यह जनतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान में अनिश्चितता की स्थित को समाप्त करने के लिए सदन आहूत किया जाना अत्यंत आवश्यक है। ताकि राजस्थान की जनता राहत की सांस ले सके और एक स्थिर सरकार इस कठिन दौर में राज्यहित में कार्य कर सके। तिकड़मबाजी से राज्य की सरकार को गिराने की साजिश लोकतंत्र के लिए घातक साबित होगी। इंदिरा हृदयेश ने शौर्य दिवस कार कारगिल में शहीदों को भी अपनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि शहीदों की कुर्बानी को देश कभी नहीं भुला सकता है।












