HomeUttarakhandAlmoraलैंगिक अपराध के मामले में आरोपी प्रधानाचार्य को 05 साल का कारावास

लैंगिक अपराध के मामले में आरोपी प्रधानाचार्य को 05 साल का कारावास

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✒️ स्कूली छात्राओं को गलत तरीके से छूने व अश्लील मैसेज भेजने का आरोपी

सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा

लैगिंक अपराध के एक मामले में विशेष सत्र न्यायाधीश मलिक मजहर सुल्तान की अदालत ने अभियुक्त को धारा-9 (च) सपठित धारा 10 पाक्सो एक्ट के तहत 5 वर्ष की सश्रम कारावास तथा 20,000 रुपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। इसके अलावा धारा 11 (iv) सपठित धारा-12 पोक्सो अधिनियम के तहत 3 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 10,000 रुपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। व्यवस्था दी है कि ये दोनों सजाएं साथ—साथ चलेंगी और जेल में बिताई अवधि भी इस सजा में समायोजित की जायेगी। यह मामला स्याल्दे क्षेत्र का है।

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अभियोजन कहानी के अनुसार 16 नवंबर 2020 को 04 पीड़िताओं के अभिभावकों ने चाइल्ड लाईन में फोन पर सूचना दी कि जिस विद्यालय में उनकी बच्चियां पढ़ती हैं, वहां प्रधानाचार्य प्रमोद दुर्गापाल द्वारा बच्चों से गाली—गलौच की जाती है और गलत तरीके से उन्हें छुआ जाता है। इतना ही नहीं, प्रधानाचार्य द्वारा देर रात तक बच्चों को कॉल की जाती है और व्हट्सअप मैसेज भेजे जाते हैं। सूचना पर चाइल्ड लाइन की टीम ने पीड़िताओं के घर जाकर उनसे पूछताछ की। जिसमें पीड़िताओं ने उन्हें बताया कि प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार दुर्गापाल द्वारा देर रात तक फोन करते हैं और व्हाट्सअप पर अश्लील मैसेज भेजते हैं।

इसके बाद मामले में एक तहरीर राजस्व निरीक्षक स्याल्दे अल्मोड़ा को दी गई। जिसके आधार पर राजस्व उप निरीक्षक द्वारा धारा 354घ ता.हि. तथा पोक्सो अधिनियम की धारा 11 (4) के तहत अभियुक्त प्रमोद कुमार दुर्गापाल के विरूद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया। प्रकरण महिला सम्बन्धित अपराध से संबंधित होने के कारण डीएम के आदेश पर मामला अग्रिम विवेचना के लिए रेगुलर पुलिस को स्थानान्तरित हो गया और इसकी विवेचना थाना चौखुटिया में तैनात उपनिरीक्षक ज्योति कोरंगा द्वारा की गई। विवेचना के बाद 11 नवंबर 2020 को मामले में आरोपी प्रमोद कुमार दुर्गापाल को चम्पानगर, तहसील स्याल्दे को उसके किराये के कमरे से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

विवेचनाधिकारी ने विवेचना पूर्ण कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मामले का विचारण विशेष सत्र न्यायाधीश, अल्मोड़ा के न्यायालय में चला। मामले में अभियोजन की ओर से 11 गवाहों को न्यायालय में परीक्षित किया गया तथा अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी पूरन सिंह कैड़ा ने मामले में सबल पैरवी की तथा दस्तावेजी साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किये। विशेष सत्र न्यायाधीश अल्मोड़ा ने पत्रावली में मौजूद मौखिक व दस्तावेजी साक्ष्यों का परिशीलन कर अभियुक्त प्रमोद कुमार दुर्गापाल पुत्र स्व. उर्वा दत्त दुर्गापाल निवासी सिविल लाईन थाना कोतवाली रामनगर, जिला नैनीताल को धारा-9 (च) सपठित धारा-10 पॉक्सो एक्ट के तहत 5 वर्ष का सश्रम कारावास व 20,000 रुपये के अर्थदण्ड तथा धारा 11 (iv) सपठित धारा-12 पोक्सो अधिनियम के तहत 3 वर्ष के सश्रम कारावास व 10,000 रुपये के अर्थदण्ड से दंडित किया है। इसके साथ ही अभियुक्त द्वारा जेल में बिताई गई अवधि इस सजा में समायोजित की जायेगी और ये दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

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Deepak Manral
Deepak Manralhttp://creativenewsexpress.com
तीन दशकों के करीब का कार्यानुभव रखने वाले दीपक मनराल पत्रकारिता जगत का एक सम्मानित नाम हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1996 में एक त्रैमासिक पत्रिका के सहयोगी संपादक के रूप में की थी। बीते 25 वर्षों में उन्होंने अमर उजाला, दैनिक भास्कर, दैनिक आज, उत्तरांचल दीप और चारधाम टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में 'ब्यूरो प्रमुख' की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाई हैं। वर्तमान में वे 'गंगोत्री अक्षर उजाला पोस्ट' के संपादक हैं और सीएनई (CNE) मीडिया हाउस के संस्थापक व स्वामी के रूप में डिजिटल मीडिया को नई दिशा दे रहे हैं। अपनी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले मनराल आज भी प्रतिदिन 'ग्राउंड ज़ीरो' से जुड़कर सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।
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