अल्मोड़ा। अगर सरकार ने रोजगार उपलब्ध कराने के बारे गंभीरता से सोच कर ठोस निर्णय नहीं लिया, तो उत्तराखंड में विकट समस्या पैदा हो जाएगी और बेरोजगारों की फौज खड़ी हो जाएगी।
यह कहना है कि उत्तराखंड एसोसिएशन आफ यूएई ( संयुक्त अरब अमीरात) के संस्थापक देवेन्द्र सिंह कोरंगा का। बागेश्वर के लौबांज निवासी देवेन्द्र सिंह कोरंगा ने कहा है कि दुबई में कार्यरत सैकड़ों नौजवान बेरोजगारी के चलते वापस पहाड़ लौटने की तैयारी में हैं। दरअसल, पहाड़ में बेरोजगारी के कारण यह लोग रोजी-रोटी के लिए बड़े शहरों व विदेशों को जाने को विवश हुए थे। दुबई सहित संयुक्त अरब अमीरात के अन्य हिस्सों में प्राइवेट नौकरी करके अपने परिवारों का पालन-पोषण कर रहे थे। उन्होंने कहा है कि कोरोना महामारी के कारण सैकड़ों नौजवान बेरोजगार हो गए हैं। उन्होंने बताया कि बहुत से युवा घर लौट चुके हैं और सात-आठ सौ लोग फ्लाइट शुरू होने के इंतजार में हैं। उन्होंने बताया कि इनमें से अधिकतर लोग होटल इंडस्ट्री में कार्यरत थे। जिनके पास अब भोजन व आवास की व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा कि अब चिंता बढ़ते जा रही है। चिंता ये है कि साधनविहीन पहाड़ में हजारों बेरोजगारों कीं आजीविका कैसे चलेगी? सरकार को इन लोगों के रोजगार के लिए शीघ्र ठोस कदम उठाने चाहिए अन्यथा बड़ी समस्या पैदा हो जायेगी।
अल्मोड़ा: साधनविहीन पहाड़ में कैसे चलेगी आजीविका- कोरंगा
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