अल्मोड़ा। जीबी पन्त राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान, कोसी-कटारमल, अल्मोड़ा की पंचवर्षीय परियोजना के अंतर्गत ज्योली सिलिंग ग्रामसभा को ईको स्मार्ट आदर्श ग्राम के रूप में विकसित होगा। इस परियोजना के तहत इस ग्रामसभा का चयन हुआ है। आज पर्यावरण संस्थन के ग्रामीण तकनीकी परिसर में संस्थान में ज्योली सिंलिंग ग्राम सभा की ईको-स्मार्ट आदर्श ग्राम परियोजना का शुभारम्भ सांसद अजय टम्टा ने किया।
परियोजना के अन्तर्गत ज्योली सिंलिंग ग्रामसभा क्लस्टर को ईको-स्मार्ट ग्राम के रूप में विकसित किया जायेगा। मुख्य अतिथि सांसद अजय टटा द्वारा इस मौके पर संस्थान द्वारा प्रकाशित मौन पालन विषयक पुस्तिका का भी विमोचन किया गया। संस्थान के निदेशक डा. आर.एस. रावल ने सांसद का स्वागत करते हुए ज्योली सिंलिंग गाॅंव के ग्रामीणों को संबोधित किया और कहा कि संस्थान हिमालय क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों का समुचित प्रबन्धन व ग्रामीणों की आजीविका सुधार के लिए निरन्तर प्रयासरत है। संस्थान के सामाजिक एवं आर्थिक विकास केन्द्र के केन्द्र प्रमुख एवं परियोजना समन्वयक डा. जी.सी.एस. नेगी द्वारा ज्योली सिंलिंग ग्रामसभा को ईको-स्मार्ट आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने की दिषा में किये जाने वाले कार्यो की रूपरेखा स्लाईड शो के जरिये समझाई। विशिष्ट अतिथि हवालबाग ब्लाक प्रधान संगठन के अध्यक्ष एवं ज्योली सिंलिंग ग्रामसभा के प्रधान देव सिंह भोजक ने कहा कि परियोजना को सफल बनाने में ग्रामीणों का पूर्ण सहयोग रहेगा। इस मौके पर ज्योली, कनेली एवं कुज्याड़ी गाॅंवों के ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, पूर्व प्रधान व 27 ग्रामीणों सहित संस्थान के वैज्ञानिक एवं कर्मचारी उपस्थित थे। स्पर्धा संस्था के निदेशक दीप चन्द्र बिष्ट, महिला हाट संस्था के प्रतिनिधि एवं सामाजिक व आर्थिक विकास विभाग के समस्त शोधार्थी भी उपस्थित थे।
अल्मोड़ा: ज्योली सिलिंग बनेगी ईको स्मार्ट आदर्श ग्रामसभा, परियोजना शुरू
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