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Almora News: देश के विकास में सांख्यिकी का अहम् योगदान

— सांख्यिकी दिवस मनाया, सांख्यिकीविद् प्रो. महालनोविस को किया याद
सीएनई रिपोर्टर, अल्मोड़ा
यहां सांख्यिकी दिवस मनाया गया। इस उपलक्ष्य में जिला अर्थ एवं सांख्यिकी कार्यालय तथा एसएसजे परिसर अल्मोड़ा के सांख्यिकी विभाग में अलग—अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस मौके पर सांख्यिकी के जनक प्रो. प्रशांत चंद्र महालनोविस को याद करते हुए देश के विकास में सर्वेक्षणों व आंकड़ों की महत्ता पर विस्तृत प्रकाश डाला गया।

सांख्यिकी दिवस पर आज जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम का शुभारम्भ सांख्यिकीविद् प्रो. प्रशान्त चन्द्र महालनोविस की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। 129वें जन्म दिन पर प्रो. प्रशान्त चन्द्र महालनोविस को याद किया गया। अपर संख्याधिकारी उदित कुमार वर्मा ने प्रो. महालनोविस के जीवन परिचय पर प्रकाश डाला। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी रेनू भण्डारी ने देश के आर्थिक विकास व सांख्यिकीय क्षेत्र में महालनोविस के योगदान तथा अर्थ एवं संख्या विभाग द्वारा किए जा रहे सर्वेक्षणों व आंकड़ों की महत्ता को समझाया। मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार ने विकास कार्यों में सांख्यिकी की भूमिका, जिला विकास अधिकारी केएन तिवारी ने देश की विकास योजनाओं के लिए एनएसओ तथा अर्थ एवं संख्या विभाग के सर्वेक्षणों की महत्ता, पंचायती राज अधिकारी गोपाल सिंह अधिकारी ने देश के सतत विकास में ऑकड़ों के महत्व पर विचार प्रकट किए। कार्यक्रम में अपर संख्याधिकारी कुन्दन लाल, कोमल शाह, राकेश चन्द्र वाजपेयी, कुल्सुम परवीन ने भी विचार रखे। इस मौके पर सर्वेक्षक रमेश चन्द्र, दयाकृष्ण परगाई, दीपक बर्मन, नवल बिष्ट, विजय कुमार, नीरज मनवाल, पान सिंह, इन्दर कुमार आदि उपस्थित रहे।
एसएसजे परिसर में गोष्ठी

उधर एसएसजे परिसर अल्मोड़ा के सांख्यिकी विभाग में सांख्यिकी दिवस के उपलक्ष्य में विभागाध्यक्ष प्रो. नीरज तिवारी की अध्यक्षता में ‘सतत विकास के लिए आंकड़े’ विषयक विचार गोष्ठी आयोजित हुई। जिसमें मुख्य अतिथि अधिष्ठाता छात्र कल्याण एवं समाज शास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. इला साह ने सांख्यिकी विषय का समाज शास्त्र व समाज से संबंध पर विस्तृत प्रकाश डाला। अध्यक्षता करते हुए प्रो. नीरज तिवारी ने सांख्यिकी के जनक प्रो. प्रशांत चंद्र महालनोविस को याद करते हुए उनके जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने “Data of sustainable development” (सतत विकास के लिए आंकड़े) विषय पर छात्र छात्राओं व शोधार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की और डाटा और सतत विकास के 17 गोल्स के बारे में बताया। प्रो. स्पर्श भट्ट ने कहा कि प्रो. प्रशांत बचपन से एक जुझारू छात्र रहे थे और उनका जन्म कोलकाता में हुआ था। उन्होंने कोलकाता के प्रेसीडेंसी कॉलेज से अपना ग्रेजुएशन पूरा किया और सांख्यिकी के जन्मदाता बने।

कार्यक्रम का संचालन शोधार्थी आशीष पंत ने किया। सांख्यिकी विभाग के शिक्षक गिरजा शंकर जोशी, शोध विद्यार्थी नवीन नैनवाल, नेहा मटियानी, भूमिका भट्ट, ऋषभ आदि छात्र—छात्राओं ने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में विभागाध्यक्ष बीसी तिवारी शामिल रहे। इस मौके पर योगेश मैलानी, पुष्पा वर्मा, कुसुमलता, मनदीप, इंद्रमोहन पंत, भानु प्रताप रावत, माधवानंद शर्मा, हिमानी आदि कई छात्र छात्राएं मौजूद रहे।

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