Monday , August 20 2018
Home / Uttarakhand / Almora / संत, शास्त्र व आत्म मत के अनुसार चुनें जीवन दिशाः संत हरि चैतन्य महाराज

संत, शास्त्र व आत्म मत के अनुसार चुनें जीवन दिशाः संत हरि चैतन्य महाराज

अल्मोड़ा। श्री हरि कृपा पीठाधीश्वर एवं भारत के महान सुप्रसिद्ध संत स्वामी श्री श्री स्वामी श्री १००८ जी हरि चैतन्य पुरी जी महाराज ने विशाल जन समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि बिना गुरू व परमात्मा में दृढ़ विश्वास के हमें सफलता प्राप्त नहीं हो सकती है। जीवन की दिशा संत मत, शास्त्र मत व आत्मा के अनुसार तय होनी चाहिए।
यहां पांडेखोला में आयोजित सतसंग में महाराज ने कहा कि हर प्रकार की संकीर्णता व मतभेदों को भुलाते हुए आपसी प्रेम, एकता व सद्भाव बनाये रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि अशांत व्यक्ति को कहीं सुख नहीं मिल सकता है। उन्होंने श्रद्धालु जनों का आह्वान किया कि परिवार, नगर, राष्ट्र व समाज में शांति का साम्राज्य स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दें। जीवन को राष्ट्रीयता, मानवता, भक्ति व सेवा से परिपूर्ण बनाया जाना चाहिए। अंधविश्वास, कुरीतियों, गंदे व्यसनों, वैर भाव राग-द्वेष ईष्र्या का त्याग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मत, पंथ, संप्रदाय विभिन्न हो सकते हैं, लेकिन धर्म एक ही होता है। धर्म जोड़ता है तोड़ता नहीं है। दुर्भाग्यवश आज लोग धर्म व पंथ के नाम पर विघटित हो रहे हैं। इस अवसर पर सुंदर भजन-कीर्तन व कन्हैया के जयकारों का घोष भी चलता रहा। उल्लेखनीय है कि आगामी 27 मई को संत स्वामी हरि चैतन्य पुरी महाराज को ताशकंत (उज्बेकिस्तान) मंे अंतर्राष्ट्रीय शांति व श्रद्धा के पुरस्कार के साथ नवाजा जायेगा।

About admin

Check Also

फिर हुई पुलिस के साथ मार—पीट, कार के तोड़े शीशे

Post Views: 700   अल्मोड़ा। जिले में पुलिस के साथ मार-पीट एवं हमले की घटनाएं …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Creative News Express

FREE
VIEW