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देश के भावी निर्माता का स्वस्थ रहना जरूरी, डीएम चंपावत ने बच्चों को खिलाई कृमि नाशक दवा

चंपावत। देश का भावी निर्माता स्वस्थ रहेगा तो राष्ट्र स्वस्थ होगा और स्वस्थ राष्ट्र ही विकास के नये-नये कीर्तिमान बना सकता है। यह बात शुक्रवार को सरस्वती शिशु मंदिर मादली में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर बच्चों को एलबेंडाजोन की टेबलेट की खिलाते हुए जिलाधिकारी एसएन पाण्डे ने कही। उन्होंने कहा कि देश के नौनीहाल स्वस्थ होंगे तो परिवार, समाज, देश स्वस्थ होगा और इन्हें स्वस्थ रखने के लिए सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों, विद्यालयों में एलबैंडाजोन की टेबलेट खिलाई जा रही है। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को बच्चों को भूखे पेट दवा न देने तथा शतप्रतिशत बच्चों को दवा खिलाने के निर्देश दिये। उन्होंने अभिभावकों से इस राष्ट्रीय कार्यक्रम का लाभ उठाने और अपने पाल्यों को एलवैडाजोन की टेबलेट खिलाने को कहा। इस अवसर पर जिलाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों ने विद्यालय के 185 बच्चों को एलबैंडाजोन की दवा खिलाई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जनपद में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर जनपद के लगभग 842 स्कूलों व 397 आंगनबाड़ी केन्द्रों में लगभग 87,788 बच्चों को एलबेंडाजोन टेबलेट खिलाई जा रही है। उन्होंने बताया कि एक-दो वर्ष तक के बच्चों को एलबैंडाजोल की आधी टेबलेट तथा उससे उपर के 19 वर्ष तक के बच्चों को पूरी टेबलेट खिलाई जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार पूरी दुनिया में कृमि संक्रमण से सबसे अधिक बच्चे भारत में प्रभावित हैं। उन्होंने बताया कि भारत में लगभग एक से 14 आयु वर्ग के 22 करोड़ से अधिक बच्चों को कृमि से खतरा है। उन्होंने बताया कि कृमि बच्चों की आंतों में रहते है और शरीर के जरूरी पोषण तत्वों को नष्ट करते हैं जिससे बच्चे में खून की कमी, कुपोषण के साथ मानसिक व शारीरिक विकास अवरूद्ध होता है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा.रश्मि पंत ने बताया कि एलबैंडाजोल की टेबलेट 714 सरकारी विद्यालयों के 51,254 बच्चों, 397 आंगनबाड़ी केन्द्रों के 19950 तथा 128 निजी विद्यालयों के 16584 बच्चों को खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि आउट आफ स्कूल के चिन्हित बच्चों, झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले तथा निर्माण कार्यो में लगे मजदूरों के बच्चों को भी कृमि नाशक टेबलेट खिलाई जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 से प्रारम्भ कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में पनपने वाले कृमियों का समूल नाश करना है जिससे बच्चों के विकास में कोई बाधा न आ सके। डा. रश्मि पंत ने बताया कि एलवैंडाजोल जांची परखी दवा है और इससे कोई साइड एफैक्ट नहीं होता है। उन्होंने कहा कि खाली पेट टेबलेट खाने से बच्चां को कुछ शिकायत हो सकती है जिसके लिए 88 रेपिड रिएक्शन टीम गठित कर मौके पर उपलब्ध हैं जो शिकायत आने पर तत्काल मौके पर पहुॅचकर बच्चों को देखेंगे। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा.आरपी खंडूरी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा.आरके जोशी, जिला शिक्षा अधिकारी मा.डीएस राजपूत, बेसिक सत्यनारायण, एसीएमओ डा.रश्मि पंत, बाल विकास से लक्ष्मी पंत, सरस्वती शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य, स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम, विद्यालय स्टाफ आदि उपस्थित थे।

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