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प्रतीक चित्र

अफसरों व सरकार की मनमानी का खामियाजा भुगत रहे पॉलीटेक्निक के संविदा शिक्षक, रोज आ रहे पर उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर करने से कर दिया है मना, मई माह से नहीं मिला वेतन

अल्मोड़ा। विभागीय अफसरों की मनमानी का खामियाजा राज्य के राजकीय महिला पॉलीटेक्निकों में कार्यरत 250 संविदा शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है, जिन्हें बिना कारण बताये ही हटा दिया गया है। यहां अल्मोड़ा महिला पॉलिटैक्निक में कार्यरत छह संविदा शिक्षिकाओं को भी इसी बुरे दौर से गुजरना पड़ रहा है। जिन्हें मई माह से वेतन नहीं मिला है और उनकी उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर भी नहीं कराये जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में वर्षों से कार्यरत इन संविदा शिक्षकों को जून माह के आदेशानुसार 2018—2019 में सेवा विस्तार दिया गया था, परंतु माह अगस्त से ही संविदा शिक्षकों को उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर करने से मना कर दिया गया। जिस कारण संविदा शिक्षक लंबे समय से मानसिक प्रताड़ना का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि वह पांच माह से मुख्यमंत्री से अपनी गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या पर कतई गौर नहीं किया जा रहा है। इधर यहां संविदा शिक्षकों ने मुख्यमंत्री व अपर मुख्य सचिव से इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए समस्या के निराकरण की मांग की है।

किसने जारी किया हस्ताक्षर नहीं लेने का आदेश
अल्मोड़ा। इस संबंध में प्रधानाचार्यों से बार—बार पूछने पर बस यही बताया जा रहा है कि अपर निदेशक के मौखिक आदेश पर ही हस्ताक्षर व वेतन से मना किया गया है। जबकि दूसरी ओर संविदा शिक्षकों को वार्ता में अपर मुख्य सचिव व निदेशक ने बताया है कि इस तरह को कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। यहां तक कि उन्होंने कहा कि संविदा शिक्षकों को हटाये जाने का मामला भी उनके संज्ञान में नहीं है।

यह भी जानें : हाई कोर्ट में दायर हुई है अवमानना याचिका
देहरादून/अल्मोड़ा। उत्तराखंड के 79 राजकीय पॉलीटेक्निक में से 70 में 250 से अधिक संविदा शिक्षक हैं। इनमें लेक्चरर पद पर 180, कर्मशाला अनुदेशक पद पर 40 और कम्प्यूटर प्रोग्रामर पद 21 संविदा शिक्षक रखे गये थे, जिनमें से अधिकांश को हटा दिया गया और कुछ के अनुबंध बढ़ाये गये। इसके बावजूद जिनके अनुबंध बढ़ाये गये थे, उन्हें भी आधे सत्र से नौकरी से हटा दिया गया है। जो पॉलिटेक्निक नियमित आ भी रहे हैं उनके हस्ताक्षर ही नहीं लिये जा रहे रहे हैं। ज्ञात रहे कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति नहीं करने पर शिक्षा सचिव भूपेंद्र कौर औलख और शिक्षा निदेशक आरके कुंवर के खिलाफ हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई है। चंपावत निवासी बाला दत्त ने याचिका दायर की है। अप्रैल 2018 से नियुक्ति नहीं दिये जाने पर अगस्त में हाईकोर्ट में याचिका दायर हुई थी। जिस पर 14 सितंबर को हाईकोर्ट ने सरकार को दो महीने के अंदर अतिथि शिक्षकों को नियुक्ति देने के आदेश दिऐ थे, लेकिन आज तक यह नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। इस पर पुन: अवमानना याचिका दायर हुई है।

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