Monday , August 20 2018
Breaking News
Home / आलेख

आलेख

आलेख

आलेख : राजनीति के अजातशत्रु का महाप्रयाण

पिथौरागढ़। भारत रत्न, भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष, अजातशत्रु, महाकवि का महाप्रयाण सम्पूर्ण राष्ट्र को विचलित करने वाला है। अटल जी का न होना एक महान राजनेता का न होना है, एक महाकवि का न होना है, एक आदर्श पत्रकार का न होना है, एक प्रखर वक्ता का न होना …

Read More »

युवा दिवस पर विशेष : कहीं सोशल मीडिया में क्रांति लाने तक सीमित न रह जाये आज का युवा

आज अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस है और हम एक ऐसे देश के युवा हैं, जिसकी लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम है। तो हम एक युवा देश हैं ऐसा भी हम कह सकते है… लेकिन मुझे खुद को युवा कहने में एक कुढ़न सी हो रही है। ऐसा क्यों …

Read More »

हिंदी साहित्य जगत में हमेशा याद किये जायेंगे साहित्यकार स्व. बलवंत मनराल

ज़माना बड़े शौक़ से सुन रहा था हमीं सो गए दास्ताँ कहते कहते  ……पिता की मृत्यु नही होती, बल्कि वह अपने अंश अपने पुत्रों के रूप में जीवित रहता है। यह परंपरा सदियों से चली आयी है। वास्तव में जब पूज्य पिताजी को याद करता हूं आज भी आंखे नम हो उठती हैं। सत्य तो यह है …

Read More »

10 अगस्त, मनराल जयंती पर विशेष : ‘पहाड़ के एक अपराजेय साहित्यकार थे बलवंत मनराल’

आज 10 अगस्त अपराजेय साहित्यकार बलवंत मनराल की जन्मतिथि है। हिंदी के साठोत्तरी युग के सुप्रसिद्ध साहित्यकार उवं चर्चित कथाकार मनराल जी पक्षाघात के कारण अस्वस्थता की स्थिति में भी अपने जीवन के अंत तक अपनी कलम चलाते रहे। यहां मनराल जी को आत्मीयता से याद कर रहे हैं उनके …

Read More »

बच्चों को नशाखोरी से बचाने के लिए दोस्त की भूमिका निभाएं अभिभावक

नशा वर्तमान युवा पीढ़ी के लिए सबसे बड़ी समस्या है। आजकल अनेक युवा इस व्यसन में फंस चुके हैं और अगर वो बाहर निकलना भी चाहें तो चाहकर भी बाहर नही आ पाते …. आज से कुछ समय पूर्व तक नशे के रूप शराब, सिगरेट, बीड़ी आदि का प्रयोग ही …

Read More »

…दोस्ती किसी एक दिन की मोहताज तो नही

दोस्त क्या है, दोस्ती क्या है एक दिन विशेष से शायद समझ मे न आये.. लेकिन फिर भी अपने मित्रों को अच्छे अच्छे संदेश भेज कर उनके प्रति कृतज्ञता जाहिर करने के लिए इस दिन विशेष का बहुत महत्व है लेकिन, दोस्ती किसी दिन विशेष की मोहताज नही है…आजकल दोस्ती …

Read More »

बैसी-जागर उत्तराखंड में देवी देवताओं के आह्वान का पवित्र अनुष्ठान है

जैसे की सभी जानते हैं उत्तराखंड को देवभूमि के नाम से भी जाना जाता है, ऐसा माना जाता है कि इस अंचल के कण-कण मैं देवि देवता निवास करते हैं। हरज्यू की जागर, बैसी का अर्थ है, जाग के देवताओं का आह्वान करना। हर साल श्रावण मास के महीने बैसी …

Read More »

…कौन कहता है कि आसमां में सुराख नहीं हो सकता ! लमगड़ा के मनोज बने युवाओं के प्रेरणा स्रोत, अपने दम पर स्थापित किया मशरूम उत्पादन का बड़ा व्यवसाय

कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों। कविवर दुष्यंत कुमार की यह पंक्तियां उत्तराखंड के पर्वतीय जनपद में रहने वाले उन लोगों के लिए नजीर है, जो यह समझते हैं कि पहाड़ों में पलायन के सिवाए कोई विकल्प नहीं है। जी …

Read More »

आलेख….कठिन साधना है लोकदेवता की बैसी

श्रावण मास में शिव मंदिरों में भक्तों की जहां भीड़ लगी रहती है वहीं गंगा जल लेने कावड़ियों की लंबी लंबी कतारें आस्था की झलक को दिखलाती हैं। देवभूमि में अटूट आस्था का सदैव ही संगम होता है। आस्था सब पर भारी पड़ती है, देवभूमि उत्तराखण्ड के गांवों में लोकदेवता …

Read More »

श्याम जोशी की कलम से “……सफर और मेरा पहाड़ “

        जानता हूँ इस बस की गति आगे को है इसको पीछे मुड़ना शायद कब होगा, लेकिन जो राहगीर इस में बैठा है उसको बार—बार पीछे मुड़ कर देखने में एक अलग ही सकूँ मिल रहा था। वो टेड़ी— मेड़ी सड़कें। सड़कों के किनारो से गिरते हुए …

Read More »
Creative News Express

FREE
VIEW