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…तो क्या उत्तराखंड में भी धरती फटने का इंतजार है अजय भट्ट को

रजनीश तपन
मीटू में फंसे भाजपा प्रदेश महामंत्री संगठन के पदच्युत होने की जानकारी देने के लिए प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट द्वारा बुलाई पत्रकारवार्ता में भट्ट के तर्क कुतर्क से कम नहीं थे। दरअसल अब तक संजय कुमार भाजपा के जिन नेताओं की आलाकमान के सामने पैरवी करते थे वे उनकी इस पद से सम्मानजनक विदाई का का रास्ता तैयार कर रहे थे। संभवत: अजय भट्ट की पत्रकारवार्ता भी इसी उद्देश्य से बुलाई गई हो। अजय भट्ट इस प्रकरण के शुरू होने के रोज से ही उनके बचाव में उतरे हुए थे, वह तो भला हो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का जिन्होंने तुरंद उन्हें पद से हटाने का फरमान जारी कर दिया था। वर्ना उत्तराखंड के नेता तो महिला नेत्री को झूठ साबित करने पर आमाद थे। अजय भट्ट ने आज यह जानकारी मीडिया को दी कि उन्हें पद से हटा दिया गया है, उन्होंने साथ में यह भी जोड़ा की संजय कुमार ने स्वयं ही पद से हटने की इच्छा जाहिर की थी, इसलिए उनकी इच्छा का सम्मान किया गया है। अगर लोक लाज का भय न होता तो भाजपा नेता तो उनके लिए विदाई समारोह आयोजित करवा देते। अजय भट्ट ने एक उदाहरण देते हुए कहा कि माता सीता पर भी आरोप लगे थे, और तब धरती फट गई थी…लगता है अजय भट्ट को संजय कुमार मुद्दे पर उत्तराखंड में वैसी ही धरती फटने की उम्मीद है।
यहां यह साफ कर दिया जाए कि यदि संजय कुमार को पदच्युत न किया गया होता तो उनके आडियो और वीडियो बम जरूरत भाजपा की राजनीतिक जमीन पर फटते ही रहते। उसमें कौन कौन हताहत होता यह अजय ज्यादा अच्छी तरह से जानते हैं। अजय भट्ट इससे पहले भी आरोप लगाने वाली महिला को ही काल्पनिक साबित करने का प्रयास करते रहे हें। वे उसी पार्टी के मुखिया हैं जो चाल चरित्र के नाम पर लोगों से वोट मांगती है। इससे पहले जब सीएम ने उज्जवला बहुगुणा से सरेआम जनता दरबार में अनर्गल वार्तालाप किया था तब भी अजय भट्ट महिला शिक्षिका के खिलाफ बोलते दिखाई पड़े थे। अजय भट्ट का एक बयान रूद्रपुर में निकाय चुनाव प्रत्याशी घोषित होने के बाद पार्टी में हुई बगावत के बाद काफी चर्चा में रहा था, जब उन्होंने कहा था कि उन्हें वही नेता आखें दिखा रहे हैं जिनके तमाम काम उन्होंने करवाए हैं। इसका क्या मतलब निकलता है यह अजय भट्ट ही अच्छे से बता सकते हैं जनता तो इसका कुछ और मतलब ही निकाल रही है।
एक बात और वे कह रहे हें कि संजय कुमार मामले में कांग्रेस राजनीति कर रही है। तो क्या वे बताएंगे कि यदि यही मामला कांग्रेस के साथ होता तो भाजपा क्या इसका विरोध नहीं करती।

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One comment

  1. प्रमोद जोशी

    अजय भट्ट जी शायद भुल गये है वह प्रदेश के अध्यक्ष है।संगठन मंत्री शिव प्रकाश पर भी गर्भपात जैसे संगीन आरोप लगे है।ऐसे मे उनका ऐसे लोगो का बचाव करना एक निंदनीय कार्य है।अच्छा होता ऐसे लोग स्वय ही पद त्याग देते।लेकिन उत्तराखंड मे सब ठीक नही चल रहा है।पुरी प्रदेश कार्यकारिणी भंग कर नयी कार्यकारिणी बनाना ही भाजपा के लिए उचित रहेगा।महिलाओ का सम्मान करना ही होगा।वर्ना भाजपा को आने वाले दिनो मे बहुत नुकसान उठाना पडेगा ।

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